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एसटीएच में कोरोना मरीजों के इलाज में 14 करोड़ खर्च, एसटीएच में कोरोना के एक मरीज पर खर्च हो रह 50 हजार रुपये
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। कोरोना महामारी से निपटने के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) को प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। यहां कोरोना मरीजों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। अब तक 2803 कोरोना मरीजों के इलाज में करीब 14 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इनमें एक मरीज का खर्च करीब 50 हजार रुपये हैं।
सरकार की तरफ से एसटीएच को कोरोना महामारी से निपटने के लिए 18 करोड़ 25 लाख की धनराशि मिली है। इसमें से एसडीआर (विशेष आहरण अधिकार) से 15 करोड़ 25 लाख और सीएम रिलीफ फंड से तीन करोड़ रुपए दिए गए हैं। हेमंत गोनिया की ओर से मांगी गई आरटीआई में खुलासा हुआ है कि 22 मार्च को एसटीएच को कोविड अस्पताल बनाया गया था। तब से लेकर 31 अक्तूबर तक यहां 12.5 करोड़ की धनराशि कोरोना मरीजों पर खर्च हो चुकी थी। दिसंबर 15 तक 2803 कोरोना मरीजों के इलाज पर 14 करोड़ खर्च हो गए। अगर आकलन करें तो एक मरीज पर करीब 50 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इसमें करीब एक करोड़ की रकम मरीजों के भोजन पर लगी है।
गैर कोरोना मरीजों की ज्यादा मौत
हल्द्वानी। आरटीआई में खुलासा हुआ है एसटीएच में कोविड काल में उन मरीजों को ज्यादा मौत हुई है, जिन्हें कोरोना नहीं था। कोविड काल मेें अब तक 400 ऐसे मरीजों की मौत हुई है, जिन्हें कोरोना नहीं था और उनका अन्य बीमारियों का इलाज चल रहा था। बुधवार तक एसटीएच में कोरोना से 294 मरीजों की मौत हुई है। आरटीआई में यह भी बात सामने आई है कि कोरोना से मरने वालों में महिलाओं से ज्यादा पुरुषों हैं।
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कोविड काल में जरूरी ऑपरेशन और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों का इलाज जारी रहा। यहां लगातार मरीज आ रहे हैं। सरकार की ओर से उपलब्ध कराए संसाधनों का भी पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। कोरोना से एसटीएच में 100 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हुए हैं।
- डॉ अरुण जोशी, एमएस, एसटीएच
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सरकार की तरफ से एसटीएच को कोरोना महामारी से निपटने के लिए 18 करोड़ 25 लाख की धनराशि मिली है। इसमें से एसडीआर (विशेष आहरण अधिकार) से 15 करोड़ 25 लाख और सीएम रिलीफ फंड से तीन करोड़ रुपए दिए गए हैं। हेमंत गोनिया की ओर से मांगी गई आरटीआई में खुलासा हुआ है कि 22 मार्च को एसटीएच को कोविड अस्पताल बनाया गया था। तब से लेकर 31 अक्तूबर तक यहां 12.5 करोड़ की धनराशि कोरोना मरीजों पर खर्च हो चुकी थी। दिसंबर 15 तक 2803 कोरोना मरीजों के इलाज पर 14 करोड़ खर्च हो गए। अगर आकलन करें तो एक मरीज पर करीब 50 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इसमें करीब एक करोड़ की रकम मरीजों के भोजन पर लगी है।
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गैर कोरोना मरीजों की ज्यादा मौत
हल्द्वानी। आरटीआई में खुलासा हुआ है एसटीएच में कोविड काल में उन मरीजों को ज्यादा मौत हुई है, जिन्हें कोरोना नहीं था। कोविड काल मेें अब तक 400 ऐसे मरीजों की मौत हुई है, जिन्हें कोरोना नहीं था और उनका अन्य बीमारियों का इलाज चल रहा था। बुधवार तक एसटीएच में कोरोना से 294 मरीजों की मौत हुई है। आरटीआई में यह भी बात सामने आई है कि कोरोना से मरने वालों में महिलाओं से ज्यादा पुरुषों हैं।
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कोविड काल में जरूरी ऑपरेशन और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों का इलाज जारी रहा। यहां लगातार मरीज आ रहे हैं। सरकार की ओर से उपलब्ध कराए संसाधनों का भी पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। कोरोना से एसटीएच में 100 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हुए हैं।
- डॉ अरुण जोशी, एमएस, एसटीएच