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एसटीएच में बंद हुई जांचें, किट खत्म
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:48 AM IST
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हल्द्वानी। कमिश्नर के नौ घंटे के निरीक्षण और नसीहत और हिदायत का असर भी सुशीला तिवारी अस्पताल प्रबंधन पर नजर नहीं आ रहा है। एसटीएच में चार दिन से महत्वपूर्ण जांचें किट खत्म हैं। मरीज वापस लौट रहे हैं। डायलिसिस यूनिट का आरओ भी खराब है। चार दिन के भीतर करीब छह सौ मरीज बिना जांच के लौट गए हैं।
कुमाऊं का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने के कारण एसटीएच मरीज भी सबसे अधिक आते हैं। यूपी के कई जिलों के मरीजों के लिए भी यह आशा का केंद्र है। यहां थायरॉयड, माइक्रो प्रोटीन, इनऑर्गेनिक फास्फोरस, एबीजी, सोडियम की जांचें पिछले चार दिन से नहीं हो रही है। कार्टिरेज और किट खत्म होने के कारण जांचें नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन लगभग सौ से डेढ़ सौ लोग जांच कराने आते हैं। दूसरी ओर लीथोट्रिप्सी मशीन ठीक न होने के कारण पत्थरी भी नहीं निकाली जा रही है। लीथोट्रिप्सी मशीन का प्रयोग पत्थरी को तोड़कर छोटे करने में किया जाता है। तीन माह पहले भी एसटीएच में खून संबंधी जांचें बंद हो गई थी।
एसटीएच में किट खत्म तो जांचें भी बंद
थायरायड, माइक्रो प्रोटीन, फास्फोरस, और एबीजी की नहीं हो रही जांच
600 मरीज लौट गए चार दिन में, डायलिसिस यूनिट का आरओ भी खराब होने से 20 मरीजों को वापस जाना पड़ा
डायलिसिस मशीन का आरओ खराब होने की बात आज ही पता चली है। आरओ ठीक कराने को कहा गया है। कार्टिरेज और किट भी जल्द ही आ जाएंगे और जांचें शुरू हो जाएंगी।
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
बेस और एसटीएच में खून का संकट
हल्द्वानी। बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में खून की कमी हो गई है। दो ग्रुप के खून का जबरदस्त संकट है। जबकि मांग सबसे अधिक इस समय ए पॉजिटिव ग्रुप की आई है।
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बेस अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक में गर्मियों में भी खून की कमी हुई थी। इसके बाद विभिन्नन संगठनों ने रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। बेस अस्पताल के ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव तो सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव और एबी निगेटिव खून की कमी है। एसटीएच की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सलोनी उपाध्याय ने बताया कि इधर सबसे अधिक मांग ए पॉजिटिव की आई। ए पॉजिटिव अधिक देने के कारण ही कमी हो गई है। रक्तदान शिविर जल्द ही होने की संभावना है। शिविर आयोजित होने के बाद कमी दूर हो जाएगी। दूसरी ओर बेस अस्पताल के ब्लड बैंक से एसटीएच को ए पॉजिटिव ब्लड दिया गया साथ ही मांग भी ए पॉजिटिव की अधिक आने के कारण कमी हो गई है। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने बताया कि जल्द ही किच्छा में रक्तदान शिविर होने जा रहा है। शिविर लगने के बाद दिक्कत दूर हो जाएगी।
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कुमाऊं का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने के कारण एसटीएच मरीज भी सबसे अधिक आते हैं। यूपी के कई जिलों के मरीजों के लिए भी यह आशा का केंद्र है। यहां थायरॉयड, माइक्रो प्रोटीन, इनऑर्गेनिक फास्फोरस, एबीजी, सोडियम की जांचें पिछले चार दिन से नहीं हो रही है। कार्टिरेज और किट खत्म होने के कारण जांचें नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन लगभग सौ से डेढ़ सौ लोग जांच कराने आते हैं। दूसरी ओर लीथोट्रिप्सी मशीन ठीक न होने के कारण पत्थरी भी नहीं निकाली जा रही है। लीथोट्रिप्सी मशीन का प्रयोग पत्थरी को तोड़कर छोटे करने में किया जाता है। तीन माह पहले भी एसटीएच में खून संबंधी जांचें बंद हो गई थी।
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एसटीएच में किट खत्म तो जांचें भी बंद
थायरायड, माइक्रो प्रोटीन, फास्फोरस, और एबीजी की नहीं हो रही जांच
600 मरीज लौट गए चार दिन में, डायलिसिस यूनिट का आरओ भी खराब होने से 20 मरीजों को वापस जाना पड़ा
डायलिसिस मशीन का आरओ खराब होने की बात आज ही पता चली है। आरओ ठीक कराने को कहा गया है। कार्टिरेज और किट भी जल्द ही आ जाएंगे और जांचें शुरू हो जाएंगी।
डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
बेस और एसटीएच में खून का संकट
हल्द्वानी। बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में खून की कमी हो गई है। दो ग्रुप के खून का जबरदस्त संकट है। जबकि मांग सबसे अधिक इस समय ए पॉजिटिव ग्रुप की आई है।
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बेस अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक में गर्मियों में भी खून की कमी हुई थी। इसके बाद विभिन्नन संगठनों ने रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। बेस अस्पताल के ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव तो सुशीला तिवारी अस्पताल के ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव और एबी निगेटिव खून की कमी है। एसटीएच की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. सलोनी उपाध्याय ने बताया कि इधर सबसे अधिक मांग ए पॉजिटिव की आई। ए पॉजिटिव अधिक देने के कारण ही कमी हो गई है। रक्तदान शिविर जल्द ही होने की संभावना है। शिविर आयोजित होने के बाद कमी दूर हो जाएगी। दूसरी ओर बेस अस्पताल के ब्लड बैंक से एसटीएच को ए पॉजिटिव ब्लड दिया गया साथ ही मांग भी ए पॉजिटिव की अधिक आने के कारण कमी हो गई है। बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली ने बताया कि जल्द ही किच्छा में रक्तदान शिविर होने जा रहा है। शिविर लगने के बाद दिक्कत दूर हो जाएगी।