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इंजीनियरिंग छोड़ सेना में अधिकारी बने चिलियानौला के हर्षल
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:56 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रिसर्च एंड डेवलपमेंट चेन्नई में इंजीनियर की नौकरी छोड़ चिलियानौला के लाल हर्षल जोशी सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्हें सिग्नल कोर सिलीगुड़ी में तैनाती मिली है। गत दिनों देहरादून आईएमए में पासिंग आउट परेड के दौरान हर्षल ने अंतिम पग भरे।
यहां चिलियानौला निवासी हर्षल के पिता भूषण चंद्र जोशी कुमाऊं मंडल विकास निगम में सहायक अभियंता पद पर कार्यरत हैं। जबकि माता रश्मि जोशी गृहणी हैं। हर्षल बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के छात्र रहे हैं। उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बरेली में कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की, बाद में चेन्नई स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट में इंजीनियर बन गए। पिता भूषण जोशी ने बताया कि हर्षल बचपन से ही सेना में अधिकारी बनने का सपना देखते थे। इंजीनियर बनने के बाद भी उनका यही सपना था। उन्होंने टेक्निकल के माध्यम से एक साल सेना में प्रशिक्षण लिया और अब वह लेफ्टिनेंट बन गए हैं। हर्षल के भाई अंशुल जोशी आर्केटेक्ट हैं। हर्षल ने सफलता का श्रेय आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश जोशी सहित अपने परिजनों का दिया है। उनके सेना में अधिकारी बनने से चिलियानौला क्षेत्र में हर्ष की लहर है।
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यहां चिलियानौला निवासी हर्षल के पिता भूषण चंद्र जोशी कुमाऊं मंडल विकास निगम में सहायक अभियंता पद पर कार्यरत हैं। जबकि माता रश्मि जोशी गृहणी हैं। हर्षल बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के छात्र रहे हैं। उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बरेली में कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की, बाद में चेन्नई स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट में इंजीनियर बन गए। पिता भूषण जोशी ने बताया कि हर्षल बचपन से ही सेना में अधिकारी बनने का सपना देखते थे। इंजीनियर बनने के बाद भी उनका यही सपना था। उन्होंने टेक्निकल के माध्यम से एक साल सेना में प्रशिक्षण लिया और अब वह लेफ्टिनेंट बन गए हैं। हर्षल के भाई अंशुल जोशी आर्केटेक्ट हैं। हर्षल ने सफलता का श्रेय आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश जोशी सहित अपने परिजनों का दिया है। उनके सेना में अधिकारी बनने से चिलियानौला क्षेत्र में हर्ष की लहर है।
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