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ई वे बिल नहीं हुआ तो देना होगा कर के बराबर जुर्माना
Updated Fri, 06 Apr 2018 01:52 AM IST
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हल्द्वानी। सूबे में एक अप्रैल से ई-वे बिल लागू हो चुका है। अब ई-वे बिल के बिना दूसरे प्रदेशों से सामान लाने पर जीएसटी में पंजीकृत और गैर पंजीकृत व्यापारियों को जुर्माना देना होगा। राज्य कर अधिकारियों ने भी चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।
सूबे में 1,37,485 व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। राज्य कर अधिकारियों के मुताबिक यदि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी ई-वे बिल के बिना माल लाता है तो उस पर निर्धारित कर की दर के अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के लिए अगर एक लाख रुपये का माल ई-वे बिल के बिना पहुंचा। इस पर 28 फीसदी कर है तो विभाग 28 हजार कर और इतना ही जुर्माना यानी 28 हजार रुपये वसूलेगा।
इस तरह कुल 56 हजार जुर्माना होगा। वहीं अगर जीएसटी में गैर पंजीकृत व्यापारी माल लाता है तो उसकी कुल कीमत के बराबर जुर्माना देय होगा। यानी एक लाख का माल है तो एक लाख ही जुर्माना भुगतना होगा।
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जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों के लिए कर के बराबर प्रावधान
गैर पंजीकृत व्यापारियों को माल की लागत के शत-प्रतिशत देना होगा दंड
जिले और प्रदेश की सीमा पर शुरू हुई चेकिंग
हल्द्वानी। राज्य कर अधिकारियों ने ई-वे बिल लागू होने के बाद जिले, प्रदेश की सीमा पर सघन चेकिंग अभियान चलाना शुरू कर दिया है। सचल दस्ता ई-वे बिल के नंबर के आधार पर पोर्टल पर चेक कर रहा है।
प्रदेश के बाहर से सामान मंगाने और भेजने पर ई-वे बिल अनिवार्य है। यदि ई-वे बिल नहीं होता है तो जीएसटी पंजीकृत व्यापारी को कर के बराबर और गैर पंजीकृत को माल का कुल मूल्य के बराबर जुर्माना देना होगा।
- बीएस नगन्याल, अपर आयुक्त, राज्य कर
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सूबे में 1,37,485 व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। राज्य कर अधिकारियों के मुताबिक यदि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी ई-वे बिल के बिना माल लाता है तो उस पर निर्धारित कर की दर के अनुसार जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के लिए अगर एक लाख रुपये का माल ई-वे बिल के बिना पहुंचा। इस पर 28 फीसदी कर है तो विभाग 28 हजार कर और इतना ही जुर्माना यानी 28 हजार रुपये वसूलेगा।
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इस तरह कुल 56 हजार जुर्माना होगा। वहीं अगर जीएसटी में गैर पंजीकृत व्यापारी माल लाता है तो उसकी कुल कीमत के बराबर जुर्माना देय होगा। यानी एक लाख का माल है तो एक लाख ही जुर्माना भुगतना होगा।
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जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों के लिए कर के बराबर प्रावधान
गैर पंजीकृत व्यापारियों को माल की लागत के शत-प्रतिशत देना होगा दंड
जिले और प्रदेश की सीमा पर शुरू हुई चेकिंग
हल्द्वानी। राज्य कर अधिकारियों ने ई-वे बिल लागू होने के बाद जिले, प्रदेश की सीमा पर सघन चेकिंग अभियान चलाना शुरू कर दिया है। सचल दस्ता ई-वे बिल के नंबर के आधार पर पोर्टल पर चेक कर रहा है।
प्रदेश के बाहर से सामान मंगाने और भेजने पर ई-वे बिल अनिवार्य है। यदि ई-वे बिल नहीं होता है तो जीएसटी पंजीकृत व्यापारी को कर के बराबर और गैर पंजीकृत को माल का कुल मूल्य के बराबर जुर्माना देना होगा।
- बीएस नगन्याल, अपर आयुक्त, राज्य कर