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राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद कुविवि में शुरू करेगा दो नए पाठ्यक्रम
Updated Wed, 28 Feb 2018 02:38 AM IST
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काफरपुर गांव में शारदा सहायक खंड 36 नहर लालगंज कटने से गांव में घुस रहे पानी को रोकने की कोशिश करता ग्रामीण ।
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में मंगलवार को ग्रामीण सामुदायिक अनुबंधन की कार्यशाला में बताया गया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार का राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद (एनआरआईसी) दो नए पाठ्यक्रम शुरू करेगा। महात्मा गांधी ग्रामीण प्रबंधन विद्या अभियान के तहत कुविवि में एमबीए इन रूरल मैनेजमेंट एंड इंटरप्रिन्योरशिप और सर्टिफिकेट इन रूरल स्टडी कोर्स के माध्यम से पलायन रोकने के लिए बच्चों को जागरुक किया जाएगा।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता एनआरआईसी के सरवनी पांडे थे। बताया कि परिषद की ओर से विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में इंटर्नशिप एवं फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को गांवों का सर्वे करना होगा। ग्राम प्रबंधन के लिए काम कर रहे लोगों की प्रेरणादायी कहानी लिखी जाएगी। इस कहानी को ग्राम्य प्रबंध के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रेरणा प्रदान करने के लिए शामिल किया जाएगा। एनआरआईसी 18, 19 अप्रैल को कुविवि में पाठ्यक्रम बनाने की कार्यशाला भी आयोजित करेगा। कुविवि ने इसके लिए प्रो. अतुल जोशी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जोशी ने बताया कि परिषद के दोनों पाठ्यक्रम आगामी सत्र में शुरू किए जाएंगे। उक्त पाठ्यक्रम उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि प्रदेश के गांवों से पलायन हो रहा है। पाठ्यक्रम को उत्तराखंड की आर्थिक, सामाजिक, भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। कुविवि वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीडी कविदयाल ने अध्यक्षता की। इस दौरान संकायाध्यक्ष प्रो. डीके भट्ट, प्रो. बीडी कविदयाल, प्रो. एलएम तिवारी, डॉ. प्रदीप जोशी, कमल किशोर पांडे, डॉ. अमित जोशी, डॉ. प्रियंका रुबाली आदि थे।
प्रेरणादायी कहानी पढ़ाकर रोका जाएगा पलायन
प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यशाला में इन पाठ्यक्रमों की जानकारी दी
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कार्यशाला के मुख्य वक्ता एनआरआईसी के सरवनी पांडे थे। बताया कि परिषद की ओर से विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में इंटर्नशिप एवं फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को गांवों का सर्वे करना होगा। ग्राम प्रबंधन के लिए काम कर रहे लोगों की प्रेरणादायी कहानी लिखी जाएगी। इस कहानी को ग्राम्य प्रबंध के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रेरणा प्रदान करने के लिए शामिल किया जाएगा। एनआरआईसी 18, 19 अप्रैल को कुविवि में पाठ्यक्रम बनाने की कार्यशाला भी आयोजित करेगा। कुविवि ने इसके लिए प्रो. अतुल जोशी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जोशी ने बताया कि परिषद के दोनों पाठ्यक्रम आगामी सत्र में शुरू किए जाएंगे। उक्त पाठ्यक्रम उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि प्रदेश के गांवों से पलायन हो रहा है। पाठ्यक्रम को उत्तराखंड की आर्थिक, सामाजिक, भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। कुविवि वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीडी कविदयाल ने अध्यक्षता की। इस दौरान संकायाध्यक्ष प्रो. डीके भट्ट, प्रो. बीडी कविदयाल, प्रो. एलएम तिवारी, डॉ. प्रदीप जोशी, कमल किशोर पांडे, डॉ. अमित जोशी, डॉ. प्रियंका रुबाली आदि थे।
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प्रेरणादायी कहानी पढ़ाकर रोका जाएगा पलायन
प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यशाला में इन पाठ्यक्रमों की जानकारी दी