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जंगल में खाना नहीं मिला तो रिसर्च सेंटर पहुंच गया हाथी
Updated Mon, 24 Jul 2017 02:22 AM IST
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हल्द्वानी। जंगलों में हाथियों के लिए पर्याप्त भोजन नहीं रह गया है। इस तथ्य की पुष्टि करता ताजा उदाहरण है कि एक हाथी पिछले तीन दिनों से वन अनुसंधान की नर्सरी में घुसकर पसंदीदा वनस्पतियों को आहार बना रहा है।
वन अनुसंधान केंद्र ने जैव विविधता के लिए बतौर शोध पीपल पड़ाव स्थित शोध केंद्र में कई प्रकार की वनस्पतियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें पौधे हाथी का पसंदीदा आहार यूकेलिप्टस, बांस के पौधे भी हैं। पिछले तीन दिनों से एक हाथी केंद्र की नर्सरी में आकर चर रहा है। वह दूसरी वनस्पतियों को भी तहस-नहस कर दे रहा है। जब केंद्र के चौकीदार ने हाथी को भगाने के लिए पटाखा छोड़ा। कनस्तर बजाया तो उसने चौकीदार की झोपड़ी समेत पानी का नल भी तोड़ दिया। इससे मानव वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका है। वन अनुसंधान केंद्र के प्रभारी रेंजर मदन बिष्ट ने हाथी से पीपल पड़ाव केंद्र में हुए नुकसान की पुष्टि की है।
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वन अनुसंधान केंद्र ने जैव विविधता के लिए बतौर शोध पीपल पड़ाव स्थित शोध केंद्र में कई प्रकार की वनस्पतियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें पौधे हाथी का पसंदीदा आहार यूकेलिप्टस, बांस के पौधे भी हैं। पिछले तीन दिनों से एक हाथी केंद्र की नर्सरी में आकर चर रहा है। वह दूसरी वनस्पतियों को भी तहस-नहस कर दे रहा है। जब केंद्र के चौकीदार ने हाथी को भगाने के लिए पटाखा छोड़ा। कनस्तर बजाया तो उसने चौकीदार की झोपड़ी समेत पानी का नल भी तोड़ दिया। इससे मानव वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका है। वन अनुसंधान केंद्र के प्रभारी रेंजर मदन बिष्ट ने हाथी से पीपल पड़ाव केंद्र में हुए नुकसान की पुष्टि की है।
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