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बीफार्मा में फेल विद्यार्थियों के प्रवेश मामले की दोबारा होगी जांच
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नैनीताल। डीएसबी परिसर के भीमताल स्थित कैंपस में बीफार्मा में फेल विद्यार्थियों को एमफार्मा में प्रवेश देने का मामले एक बार फिर जांच समिति के पाले में चला गया है। कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल की अध्यक्षता में रविवार को हुई विवि कार्यपरिषद (ईसी) की बैठक में जांच समिति की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों से संतुष्ट न होने पर ईसी सदस्यों ने मामले की दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
भीमताल परिसर में संचालित फार्मेसी विभाग में पिछले साल बीफार्मा में फेल चार विद्यार्थियों को एमफार्मा में प्रवेश दे दिया था। उक्त विद्यार्थियों की ओर से प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा फार्म भरने के बाद आगे बढ़ी कार्रवाई के दौरान फार्मेसी में स्पेशल बैक न कराने के प्रावधान का पता चला तो विवि के परीक्षा अनुभाग ने चारों विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया था। परीक्षा देने से रोके जाने के बाद यह विद्यार्थी कोर्ट चले गए थे, जहां से हुए आदेशों के बाद विवि ने इन्हें परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की। मामले की जांच को लेकर समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट विवि को सौंप दी थी, जिस पर ईसी की बैठक में चर्चा के बाद दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन से मना करने के विषय में डीएसबी परिसर में गणित विभाग की प्रो. आशा श्रीवास्तव को नोटिस देने, कॉलेजों की अस्थायी मान्यता विस्तार की पैनल रिपोर्ट को राजभवन भेजने समेत 24 से अधिक मुद्दों को ईसी ने अनुमोदित किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, वित्त अधिकारी दिनेश राणा, उप कुलसचिव केआर भट्ट, दुर्गेश डिमरी, प्रो. हरीश चंदोला, प्रो. राजीव उपाध्याय, डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. अजरा परवीन, डॉ. दिव्या उपाध्याय अरविंद पडियार, बहादुर पाल, जगदीश बुधानी, विधान चौधरी आदि थे।
बीफार्मा में फेल विद्यार्थियों के प्रवेश की दोबारा होगी जांच
कुमाऊं विवि : रविवार को हुई विवि कार्य परिषद की बैठक, फार्मेसी विभाग समेत कई मुद्दों पर मंथन
16वें दीक्षांत समारोह को मिली स्वीकृति
अक्तूबर में प्रस्तावित कुमाऊं विवि के 16वें दीक्षांत समारोह के आयोजन पर कार्यपरिषद की सहमति मिल गई है। कार्यपरिषद ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर तिब्बती धर्मगुरुदलाई लामा को मानद उपाधि देने की स्वीकृति दे दी है।
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पांच प्राध्यापकों को पदोन्नति का तोहफा
- कार्यपरिषद ने विवि के पांच प्राध्यापकों को सत्रांत लाभ देने के साथ ही पांच प्राध्यापकों को पदोन्नत किया है। प्रबंधन के डॉ. अमित जोशी को प्रोफेसर के साथ ही रसायन विज्ञान की डॉ. प्रियंका सागर, भूगोल की डॉ. ज्योति जोशी, डॉ. प्रकाश चंद्र, कंप्यूटर साइंस के डॉ. आशीष मेहता को एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पदोन्नत किया गया है।
जेआरएफ पास स्थानीय निवासियों को वरीयता
पीएचडी में प्रवेश के लिए नेट-जेआरएफ पास स्थानीय अभ्यर्थियों को वरीयता देने के फैसले को कार्यपरिषद ने अपनी स्वीकृति दे दी है। अब जेआरएफ पास स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए 70 और अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों को 30 फीसदी सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। पीएचडी, डीलिट, डीएससी शोधग्रंथ संशोधित कर पुन: जमा कराने के शुल्क को 2500 से बढ़ाकर क्रमश: 4000, 6000 रुपये कर दिया गया है।
राज्यपाल ने चार ईसी सदस्यों को किया नामित
- राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कार्यपरिषद के लिए चार सदस्यों को नामित किया है। कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने बताया कि इनमें न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चंद्र पंत, पूर्व मुख्य सचिव आईके पांडे, कुलपति इग्नू प्रो. नागेश्वर राव, पूर्व निदेशक उच्चशिक्षा डॉ. बहादुर बिष्ट शामिल हैं।
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भीमताल परिसर में संचालित फार्मेसी विभाग में पिछले साल बीफार्मा में फेल चार विद्यार्थियों को एमफार्मा में प्रवेश दे दिया था। उक्त विद्यार्थियों की ओर से प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा फार्म भरने के बाद आगे बढ़ी कार्रवाई के दौरान फार्मेसी में स्पेशल बैक न कराने के प्रावधान का पता चला तो विवि के परीक्षा अनुभाग ने चारों विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया था। परीक्षा देने से रोके जाने के बाद यह विद्यार्थी कोर्ट चले गए थे, जहां से हुए आदेशों के बाद विवि ने इन्हें परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की। मामले की जांच को लेकर समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट विवि को सौंप दी थी, जिस पर ईसी की बैठक में चर्चा के बाद दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन से मना करने के विषय में डीएसबी परिसर में गणित विभाग की प्रो. आशा श्रीवास्तव को नोटिस देने, कॉलेजों की अस्थायी मान्यता विस्तार की पैनल रिपोर्ट को राजभवन भेजने समेत 24 से अधिक मुद्दों को ईसी ने अनुमोदित किया। इस दौरान कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, वित्त अधिकारी दिनेश राणा, उप कुलसचिव केआर भट्ट, दुर्गेश डिमरी, प्रो. हरीश चंदोला, प्रो. राजीव उपाध्याय, डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. अजरा परवीन, डॉ. दिव्या उपाध्याय अरविंद पडियार, बहादुर पाल, जगदीश बुधानी, विधान चौधरी आदि थे।
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बीफार्मा में फेल विद्यार्थियों के प्रवेश की दोबारा होगी जांच
कुमाऊं विवि : रविवार को हुई विवि कार्य परिषद की बैठक, फार्मेसी विभाग समेत कई मुद्दों पर मंथन
16वें दीक्षांत समारोह को मिली स्वीकृति
अक्तूबर में प्रस्तावित कुमाऊं विवि के 16वें दीक्षांत समारोह के आयोजन पर कार्यपरिषद की सहमति मिल गई है। कार्यपरिषद ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर तिब्बती धर्मगुरुदलाई लामा को मानद उपाधि देने की स्वीकृति दे दी है।
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पांच प्राध्यापकों को पदोन्नति का तोहफा
- कार्यपरिषद ने विवि के पांच प्राध्यापकों को सत्रांत लाभ देने के साथ ही पांच प्राध्यापकों को पदोन्नत किया है। प्रबंधन के डॉ. अमित जोशी को प्रोफेसर के साथ ही रसायन विज्ञान की डॉ. प्रियंका सागर, भूगोल की डॉ. ज्योति जोशी, डॉ. प्रकाश चंद्र, कंप्यूटर साइंस के डॉ. आशीष मेहता को एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पदोन्नत किया गया है।
जेआरएफ पास स्थानीय निवासियों को वरीयता
पीएचडी में प्रवेश के लिए नेट-जेआरएफ पास स्थानीय अभ्यर्थियों को वरीयता देने के फैसले को कार्यपरिषद ने अपनी स्वीकृति दे दी है। अब जेआरएफ पास स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए 70 और अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों को 30 फीसदी सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। पीएचडी, डीलिट, डीएससी शोधग्रंथ संशोधित कर पुन: जमा कराने के शुल्क को 2500 से बढ़ाकर क्रमश: 4000, 6000 रुपये कर दिया गया है।
राज्यपाल ने चार ईसी सदस्यों को किया नामित
- राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कार्यपरिषद के लिए चार सदस्यों को नामित किया है। कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने बताया कि इनमें न्यायमूर्ति प्रफुल्ल चंद्र पंत, पूर्व मुख्य सचिव आईके पांडे, कुलपति इग्नू प्रो. नागेश्वर राव, पूर्व निदेशक उच्चशिक्षा डॉ. बहादुर बिष्ट शामिल हैं।