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विधायक मुन्ना सिंह चौहान का इंटरव्यू

Thu, 19 Jul 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:28 AM IST
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विधायक मुन्ना सिंह चौहान का इंटरव्यू
नैनीताल। विकासनगर से विधायक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान का मानना है कि सरकार धीमी गति से नहीं बल्कि सावधानी पूर्वक सोच समझकर चल रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य व पलायन रोकने को महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। हर घोषणा से पहले मुख्यमंत्री पूरा होमवर्क करते हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार कि महत्वपूर्ण उपलब्धियां जनता के समक्ष सही तरीके से परोसी नहीं जा सकी है। विभिन्न प्रकरणों में हाईकोर्ट में सरकार की पैरवी में कोताही हो रही है इसमें सुधार की जरूरत है। दायित्व मेरिट के आधार पर बटेंगे खैरात में नहीं।
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अमर उजाला से खास बातचीत में मुन्ना सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो पाने के सवाल पर कहा कि सवा साल में इतने महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। यह ऐसा ही है कि 56 भोग तैयार है लेकिन उन्हें सही तरीके से परोसा नहीं जा रहा। आम लोगों या भाजपा कार्यकर्ताओं में यह सरकार फर्क नहीं करती। मुख्यमंत्री बीते वर्षों के मुकाबले आम लोगों से सबसे ज्यादा मुलाकात करने वाले सीएम हैं। ज्यादातर समस्याओं का समाधान तो सीएम के समाधान पोर्टल से ही हो जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सरकार में पहली बार पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाई जिससे पहाड़ में शिक्षक और चिकित्सक रुकने लगे हैं। अंडर टेबल डीलिंग इस सरकार में बंद है। सरकार ने एक हजार चिकित्सकों की नई नियुक्ति की है। हर जिले में सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बनाना शुरू हो चुका है, 108 नई एंबुलेंस खरीदी जा रही हैं। सारे स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकें आवश्यक कर दी गई हैं। कॉशन मनी लेने और री एडमिशन फीस लेने पर रोक लगाई जा चुकी है। पलायन रोकने के लिए पहली बार पलायन आयोग स्थापित किया गया है।
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एनएच 74 मामले में सरकार के सीबीआई जांच रुकवाने में जुटने के सवाल पर यह तो इस देश में पहला उदाहरण है जहां सरकार ने इतनी सख्त कार्यवाही की कि बीस अभियुक्त गिरफ्तार हुए एक को भी जमानत नहीं मिली। कई अभियुक्तों ने पैसे लौटाने की पेश कश की है। कुछ ने लगभग चार करोड़ लौटा भी दिए हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय, ईडी ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है और घोटाले से जुड़ा कोई भी व्यक्ति नहीं बचेगा भले ही कितनी ही पहुंच वाला हो।
दो मंत्री पद न भरे जाने और दायित्व न बंटने को लेकर भाजपाइयों में गुस्से पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार की नीति गो-स्लो की है। केवल आवश्यकता और मेरिट के अनुरूप दायित्व दिए जाएंगे। दायित्व खैरात में नहीं दिए जाऐंगे। अधिक दायित्व देने पर भी आप ही लोग आलोचना करेंगे। मंत्री पद दिया जाना सीएम का विवेक है। जरूरी नहीं कि अधिकतम सीमा तक के मंत्री बना दिए जाएं।

विधायक ने यह भी कहा कि मैं बेहिचक यह स्वीकार करता हूूं कि हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पैरवी में कोताही हो रही है जिस वजह से सरकार के लिए परेशानियां हो रही है। इस स्थिति में सुधार की सख्त जरूरत है।
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