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द्वाराहाट में ढूंढने से नहीं मिलते धरती के भगवान
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:07 PM IST
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उच्च शैक्षणिक नगरी के रूप में प्रख्यात द्वाराहाट की स्वास्थ्य सेवाएं दिन प्रतिदिन लचर हो रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधिकांश डॉक्टरों के पद रिक्त होने के कारण रोगियों की भारी फजीहत हो रही है। 2002 में यहां स्थापित अल्ट्रा साउंड मशीन जंक खा रही है। कई बार आंदोलनों के बावजूद स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पर्ची काटने और ड्रेसिंग का कार्य तक एकमात्र वार्ड ब्वाय पर है।
अमर उजाला की टीम जब सुबह 9.25 बजे जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो सुबह लोग पर्ची कटाने की लाइन में खड़े थे, लेकिन वार्ड ब्वाय ड्रेसिंग के कार्य में व्यस्त था। रोगियों के नहीं आने के सवाल पर अस्पताल के लोगों ने बताया कि दूर दराज के रोगी 10 बजे बाद ही आते हैं। 9.45 बजे दो से तीन मरीज आते दिखे।
यहां चिकित्सा अधीक्षक सहित फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सक, निश्चेतक, नेत्र रोग विशेषज्ञ और चिकित्साधिकारी के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में यहां फिजिशियन के अलावा सामान्य और एक दंत रोग विशेषज्ञ ही कार्यरत हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में रोगियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. तपन शर्मा दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी द्वारा आहूत बैठक में जाने की तैयारी पर थे। उन्होंने बताया कि उन्हें भी बार-बार बैठकों में अन्यत्र जाना पड़ता है। पूर्व में यहां नियुक्त डॉ. रवींद्र मेर अन्यत्र चले गए हैं। डॉ. सलीम अंसारी का कोटाबाग स्थनांतरण हो गया है। डॉ. बदरूल कमर भी एक सप्ताह के भीतर कोर्स के लिए बाहर जाने वाले हैं। डॉ. रुचित कुमार का भी स्थानांतरण होने वाला है, ऐसी स्थिति में यहां वह स्वयं और डॉ. तुहिन कुमार और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. बगीषा चंद्र ही रह जाएंगे।
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अमर उजाला की टीम जब सुबह 9.25 बजे जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो सुबह लोग पर्ची कटाने की लाइन में खड़े थे, लेकिन वार्ड ब्वाय ड्रेसिंग के कार्य में व्यस्त था। रोगियों के नहीं आने के सवाल पर अस्पताल के लोगों ने बताया कि दूर दराज के रोगी 10 बजे बाद ही आते हैं। 9.45 बजे दो से तीन मरीज आते दिखे।
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यहां चिकित्सा अधीक्षक सहित फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, चर्म रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सक, निश्चेतक, नेत्र रोग विशेषज्ञ और चिकित्साधिकारी के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में यहां फिजिशियन के अलावा सामान्य और एक दंत रोग विशेषज्ञ ही कार्यरत हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में रोगियों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. तपन शर्मा दोपहर 12 बजे जिलाधिकारी द्वारा आहूत बैठक में जाने की तैयारी पर थे। उन्होंने बताया कि उन्हें भी बार-बार बैठकों में अन्यत्र जाना पड़ता है। पूर्व में यहां नियुक्त डॉ. रवींद्र मेर अन्यत्र चले गए हैं। डॉ. सलीम अंसारी का कोटाबाग स्थनांतरण हो गया है। डॉ. बदरूल कमर भी एक सप्ताह के भीतर कोर्स के लिए बाहर जाने वाले हैं। डॉ. रुचित कुमार का भी स्थानांतरण होने वाला है, ऐसी स्थिति में यहां वह स्वयं और डॉ. तुहिन कुमार और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. बगीषा चंद्र ही रह जाएंगे।