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पीएसए का ऐलान, 8 अप्रैल तक बंद रहेंगे पब्लिक स्कूल

Sun, 01 Apr 2018 02:42 AM IST
Updated Sun, 01 Apr 2018 02:42 AM IST
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पीएसए का ऐलान, 8 अप्रैल तक बंद रहेंगे पब्लिक स्कूल
पीएसए हल्द्वानी - फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। हल्द्वानी के स्कूल संचालक भी एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने के विरोध में भी आ गए हैं। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने स्कूल संचालकों की बैठक में सीबीएसई मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों को आठ अप्रैल तक बंद करने का एलान किया। एसोसिएशन ने कहा कि किसी भी हाल में एनसीईआरटी पुस्तकें लागू नहीं करेंगे। सरकार ने यदि दबाव बनाने की कोशिश की तो स्कूलों में बेमियादी बंदी कर दी जाएगी।
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शनिवार को अपराह्न तीन बजे से नैनीताल रोड स्थित एक होटल के सभागार में हल्द्वानी पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर स्कूल संचालकों की बैठक हुई। पहले तो अधिकतर स्कूल संचालक यह तय नहीं कर पा रहे थे कि एनसीईआरटी किताबें लगानी है या नहीं। वक्ता भी एनसीईआरटी पुस्तकें लगाने के साथ दूसरी जरूरी किताबें लगाने की मांग पर जोर दे रहे थे। यूनिवर्सल स्कूल के संचालक सुनील जोशी ने सरकार के आदेश का विरोध करने की बात कही तो सभी स्कूल संचालकों ने एकमत होकर सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करने का एलान कर दिया।
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बैठक के बाद पीएसए के संरक्षक आरपी सिंह, अध्यक्ष गोपाल बिष्ट, महासचिव कैलाश भगत और भुवन भाकुनी ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया कि एनसीईआरटी पुस्तकें पब्लिक स्कूलों में नहीं लगाई जाएंगी। सरकार के इस फैसले के विरोध में पब्लिक स्कूलों को दो अप्रैल से आठ अप्रैल तक बंद रखने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन नौ अप्रैल से आगे भी बढ़ाया दिया जाएगा। अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट का कहना था कि प्रदेश सरकार ने यह फैसला लेने से पहले स्कूलों और अभिभावकों की राय नहीं ली। इस दौरान दीपक बल्यूटिया, प्रवींद्र कुमार रौतेला, मणि पुष्पक जोशी, दयासागर बिष्ट, वीबी नैनवाल, राधा ऐंठानी, तुषार उपाध्याय, विजय जोशी समेत 45 से अधिक स्कूल संचालक मौजूद रहे।
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एनसीईआरटी पुस्तकें लागू करने के विरोध में उतरा पब्लिक स्कूल एसोसिएशन
स्कूल संचालक बोले, सरकार के दबाव में जबरन नहीं लगाएंगे एनसीईआरटी की किताबें

पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की मांगें
- एनसीईआरटी पुस्तकों की बाध्यता समाप्त हो।
- आरटीई के तहत स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की तीन वर्ष की बकाया फीस का भुगतान करो अन्यथा इस बार नहीं करेंगे निशुल्क दाखिले।
- फीस एक्ट लागू करने से पहले स्कूलों की ली जाए राय।
- शिक्षामंत्री के आदेश पर सीबीएसई स्कूलों की 16 बिंदुओं पर जांच बंद की जाए।
दो से ढाई हजार शिक्षक हो जाएंगे बेरोजगार
हल्द्वानी। एनसीईआरटी पुस्तकें लगाने के मुद्दे पर पब्लिक स्कूल संचालकों का कहना है कि स्कूल में प्रतिदिन आठ पीरियड होते हैं। यदि एनसीईआरटी की कक्षा एक से लेकर पांच तक पुस्तकें लागू कर दें तो क्या बच्चों को तीन पीरियड ही पढ़ाए जाएंगे। तीन पीरियड लगने से अन्य विषयों के शिक्षकों का क्या होगा, जब स्कूलों में अन्य विषयों की साइड पुस्तकें ही नहीं चलेंगी तो शिक्षकों को हटाना होगा और केवल हल्द्वानी में ही दो से ढाई हजार शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे।

दाखिले होते रहेंगेे, बोर्ड परीक्षाएं, मूल्यांकन प्रभावित नहीं होगा
हल्द्वानी। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने कहा कि दो अप्रैल से स्कूल बंद करने का प्रभाव सीबीएसई परीक्षाओं और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य पर नहीं होगा। स्कूलों में कार्यालय तो खुलेंगे मगर शिक्षा सत्र शुरू नहीं होगा। हालांकि, नए दाखिलों की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।


बिना कार्यवाही रजिस्टर के बैठक
हल्द्वानी। एनसीईआरटी पुस्तकों के विरोध में पब्लिक स्कूल एसोसिएशन की ओर से बैठक आनन-फानन में बुलाई गई थी। बैठक में एसोसिएशन का कार्यवाही रजिस्टर तक नहीं था। कौन आया, कौन नहीं आया, इसकी जानकारी या फिर क्या कार्यवाही हुई, इसे दर्ज तक नहीं किया गया। कई स्कूल संचालकों के भाजपा से जुड़े होने के कारण प्रदेश सरकार को कोसने से बचते भी देखा गया।
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