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जेल अधीक्षक की गृह जनपद में तैनाती नियम विरुद्ध
Updated Tue, 14 Nov 2017 02:07 AM IST
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हल्द्वानी। आईजी जेल डॉ. पीबीके प्रसाद ने कहा है कि जेल अधिकारियों के बारे में मिली शिकायतों को जिलाधिकारी नैनीताल के पास भेजा गया है। डीएम की रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने स्वीकार किया कि वरिष्ठ जेल अधीक्षक की गृह जनपद में तैनाती नियम विरुद्ध है। तीन महीने के अंदर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
जेल के कर्मचारियों ने आईजी जेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि जेल अधीक्षक मनोज आर्या का मकान गुसाईनगर कालाढूंगी रोड पर है। आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार कर जेल अधीक्षक की गृह जनपद की जेल में दूसरी बार तैनाती की गई है। इसके अलावा कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए गंभीर शिकायतें की है। आईजी जेल डॉ. पीबीके प्रसाद का कहना था कि किसी राजपत्रित अधिकारी की गृह जिले में तैनाती नहीं हो सकती है। जेल अधीक्षक के खिलाफ मिली शिकायतों को जांच के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा गया है। पता चला कि किसी दबाव के चलते शिकायतों की जांच अभी तक नहीं हो सकी है।
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जेल के कर्मचारियों ने आईजी जेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि जेल अधीक्षक मनोज आर्या का मकान गुसाईनगर कालाढूंगी रोड पर है। आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार कर जेल अधीक्षक की गृह जनपद की जेल में दूसरी बार तैनाती की गई है। इसके अलावा कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए गंभीर शिकायतें की है। आईजी जेल डॉ. पीबीके प्रसाद का कहना था कि किसी राजपत्रित अधिकारी की गृह जिले में तैनाती नहीं हो सकती है। जेल अधीक्षक के खिलाफ मिली शिकायतों को जांच के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा गया है। पता चला कि किसी दबाव के चलते शिकायतों की जांच अभी तक नहीं हो सकी है।
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