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पुण्य तिथि पर याद आए कुमाऊं टाइगर स्व. उपाध्याय
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:47 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. मदन मोहन उपाध्याय की पुण्य तिथि यहां धूमधाम से मनाई गई। सुभाष विचार मंच की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर फूल चढ़ाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। मालूम हो कि स्व. उपाध्याय ने पूरे कुमाऊं में आजादी की लड़ाई की अलख जलाई थी, तब उन्हें कुमाऊं का टाइगर की उपाधि दी गई थी।
यहां सुभाष चौक पर सुभाष विचार मंच की ओर से आयोजित समारोह में वक्ताओं ने स्व. उपाध्याय के कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी की लड़ाई में स्व. उपाध्याय ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। मंच के संयोजक छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में स्व. उपाध्याय ने अभूतपूर्व योगदान दिया था। अंग्रेजों ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम तक घोषित कर दिया था। अन्य वक्ताओं ने उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि 1944 में डिफेंस ऑफ एक्ट में गैर हाजिरी के चलते उन्हें कालापानी तक की सजा हुई थी। आजादी के बाद 1952 में वह रानीखेत द्वाराहाट क्षेत्र से विधायक भी चुने गए। 1978 में उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर पत्रकार विमल सती, ज्योति शाह, देवीदत्त बिष्ट, धन सिंह बिष्ट, प्रकाश पाठक आदि थे।
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यहां सुभाष चौक पर सुभाष विचार मंच की ओर से आयोजित समारोह में वक्ताओं ने स्व. उपाध्याय के कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी की लड़ाई में स्व. उपाध्याय ने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। मंच के संयोजक छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में स्व. उपाध्याय ने अभूतपूर्व योगदान दिया था। अंग्रेजों ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम तक घोषित कर दिया था। अन्य वक्ताओं ने उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि 1944 में डिफेंस ऑफ एक्ट में गैर हाजिरी के चलते उन्हें कालापानी तक की सजा हुई थी। आजादी के बाद 1952 में वह रानीखेत द्वाराहाट क्षेत्र से विधायक भी चुने गए। 1978 में उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर पत्रकार विमल सती, ज्योति शाह, देवीदत्त बिष्ट, धन सिंह बिष्ट, प्रकाश पाठक आदि थे।
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