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Uttarakhand News: हादसे और मौतें...नतीजा जांच और सिर्फ जांच, अगस्त 2024 तक प्रदेश में 1172 हादसे हुए

Tue, 05 Nov 2024 12:25 PM IST
हीरा मेहरा राघव तिवारी, अमर उजाला
राघव तिवारी, अमर उजाला Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 05 Nov 2024 12:25 PM IST
सार

इस साल अगस्त तक पूरे प्रदेश में 1172 सड़क हादसे हुए हैं जिसमें 696 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। हादसे के बाद हर बार कार्रवाई की बात कहीं जाती है लेकिन नतीजा हमेशा सिफर रहता है।

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1172 road accidents have occurred in Uttarakhand Till August this year
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेशवासियों के लिए सोमवार का दिन बुरी खबर लेकर आया। अल्मोड़ा के मरचूला में बस खाई में गिरने से 36 लोगों की मौत हो गई। मामले में सरकार ने दो एआरटीओ को निलंबित कर दिया और हर बार की तरह फिर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए। यह वही आदेश है जो सड़क हादसे में मौतें होने पर हर बार दिया जाता है पर नतीजा हमेशा सिफर रहता है।

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अगर सोमवार की बात छोड़ भी दें तो इस साल अगस्त तक पूरे प्रदेश में 1172 सड़क हादसे हुए हैं जिसमें 696 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं साल 2023 में प्रदेश में 1101 सड़क हादसे हुए थे जिसमें 686 लोगों की मृत्यु हुई थी। सड़क हादसों में सैकड़ों मौतें होने के बाद मजिस्ट्रेटी जांच फाइलों में कहीं गुम होती गईं और सोमवार को फिर एक भीषण दर्दनाक हादसा हो गया। नैनीताल जिले में पिछले दिनों हुए सड़क हादसों की मजिस्ट्रेटी जांच के संबंध में जिलाधिकारी वंदना सिंह और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) फिंचा राम चौहान से संपर्क किया गया लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।

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पिछले दिनों हुए कुछ प्रमुख हादसे-

  • नौ अप्रैल को जिले के बेतालघाट में कार 200 मीटर गहरी खाई में गिरी। इसमें आठ यात्रियों की मौत हुई थी।
  • 14 अप्रैल को बागेश्वर जिले में कार नदी में गिरी। इसमें चार यात्रियों की मौत हुई।
  • 22 मई को अल्मोड़ा जिले में कार खाई में गिरी थी। इसमें तीन लोगों ने जान गंवाई थी।
  • छह जून को ओखलकांडा में मैक्स वाहन 200 मीटर गहरी खाई में गिरा। इसमें छह यात्रियों की जान चली गई।

 

सड़क हादसों की मजिस्ट्रेटी जांच में हादसे के कारणों को तलाशा जाता है। यह जांच रिपोर्ट परिवहन निगम और सड़क सुरक्षा समिति की भेजी जाती है। रिपोर्ट में यदि हादसे का कारण पैरापिट न होना, क्रैश बैरियर न होना, अंधा मोड़ होना या फिर रोड डिजाइन में डिफेक्ट हो, तो उसमें सुधार कराया जाता है। मैं स्वयं इसे मॉनिटर करता हूं। अभी हाल में ही मैंने टांडा क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए सड़क किनारे सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं।

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- दीपक रावत सचिव मुख्यमंत्री व आयुक्त कुमाऊं मंडल

 

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