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...आखिर कब मिलेगा निर्मल पांडे स्मृति ऑडिटोरियम
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एक्टर निर्मल पांडे
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। अपने अभिनय से अंतरराष्ट्रीय पटल पर देवभूमि का मान बढ़ाने वाले अभिनेता निर्मल पांडे की सोमवार को 9वीं पुण्यतिथि है लेकिन सरकार की ओर से उनको सच्ची श्रद्धांजलि नहीं मिल पाई है जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नैनीताल शरदोत्सव के दौरान अभिनेता निर्मल की स्मृति में ऑडिटोरियम बनवाने की घोषणा की थी और सचिव शहरी विकास से स्थान चयनित कर रिपोर्ट देने को कहा था। बड़ा बाजार मल्लीताल चौराहे का नाम निर्मल पांडे स्मृति चौक करने और शरदोत्सव में कलाकारों को निर्मल स्मृति पुरस्कार देने के प्रस्ताव भी अधूरे रहे।
अपनी अनोखी अभिनय कला और रचनात्मकता के बल पर निर्मल ने बॉलीवुड में मुकाम हासिल किया था। 10 अगस्त 1961 को बड़ा बाजार मल्लीताल में जन्मे निर्मल शुरू से ही अभिनय के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने अपने बड़े भाई मिथलेश पांडे के साथ रंगमंच में कदम रखा। मिथलेश बताते हैं कि स्कूल के समय में दोनों भाई रामलीला में प्रतिभाग करते थे। स्कूल में होने वाली विभिन्न नाट्य प्रतियोगिताओं में वह दोनों भाई प्रथम, द्वितीय रहते थे। अभिनय समेत वे गायक और अच्छे लेखक भी थे। अपने अधिकतर नाटक उन्होंने खुद लिखे थे।
...आखिर कब मिलेगा निर्मल पांडे स्मृति ऑडिटोरियम
तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शरदोत्सव में की थी घोषणा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त अभिनेता थे नैनीताल के निर्मल पांडे
निर्मल पांडे की 9वीं पुण्यतिथि आज
रानीखेत में नाट्य अकादमी खोलना चाहते थे निर्मल
निर्मल उत्तराखंड से बढ़ पलायन को लेकर काफी चिंतित रहते थे। देवभूमि की लोककलाओं, संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में काफी गंभीर भी थे। निर्मल उत्तराखंड के युवा कलाकारों के लिए नाट्य, फिल्म अकादमी खोलना चाहते थे। सितंबर 2009 के आसपास वे अकादमी खोलने के लिए रानीखेत में चिलियानौला के पास भूमि देखकर गए थे। 18 फरवरी 2010 को उनका निधन हो जाने से पहाड़ के युवाओं को मंच देने का ये सपना भी अधूरा ही रह गया।
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निर्मल का सफरनामा
जन्म- 10 अगस्त 1961
पिता- हरीश चंद्र पांडे
माता- रेवा देवी
शिक्षा- नैनीताल के प्राथमिक स्कूल से नर्सरी, सीआरएसटी से 12वीं (1980) तक, डीएसबी से बीकॉम, एमए (1985)।
- 1986 में एनएसडी दिल्ली से जुड़े।
बॉलीवुड में एंट्री- 1994 में शेखर कपूर द्वारा निर्मित बैंडिट क्वीन से।
- इस रात की सुबह नहीं, औजार, प्यार किया तो डरना क्या, शिकारी, ट्रेन टू पाकिस्तान आदि कई फिल्में, 40 से अधिक देशों में 125 से अधिक नाटक, थियेटर किए।
निर्मल पांडे को आज राम सेवक सभा में दी जाएगी श्रद्धांजलि
नैनीताल। निर्मल पांडे की नवीं पुण्यतिथि पर सोमवार शाम छह बजे यहां मल्लीताल स्थित रामसेवक सभा भवन में श्रद्धांजलि दी जाएगी। निर्मल के बड़े भाई वरिष्ठ रंगकर्मी मिथिलेश पांडे ने बताया कि विशेष संगीत संध्या होगी, जिसमें एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी के संगीत के प्राध्यापक डॉ. महेश पांडे शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देंगे।
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अपनी अनोखी अभिनय कला और रचनात्मकता के बल पर निर्मल ने बॉलीवुड में मुकाम हासिल किया था। 10 अगस्त 1961 को बड़ा बाजार मल्लीताल में जन्मे निर्मल शुरू से ही अभिनय के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने अपने बड़े भाई मिथलेश पांडे के साथ रंगमंच में कदम रखा। मिथलेश बताते हैं कि स्कूल के समय में दोनों भाई रामलीला में प्रतिभाग करते थे। स्कूल में होने वाली विभिन्न नाट्य प्रतियोगिताओं में वह दोनों भाई प्रथम, द्वितीय रहते थे। अभिनय समेत वे गायक और अच्छे लेखक भी थे। अपने अधिकतर नाटक उन्होंने खुद लिखे थे।
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...आखिर कब मिलेगा निर्मल पांडे स्मृति ऑडिटोरियम
तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शरदोत्सव में की थी घोषणा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त अभिनेता थे नैनीताल के निर्मल पांडे
निर्मल पांडे की 9वीं पुण्यतिथि आज
रानीखेत में नाट्य अकादमी खोलना चाहते थे निर्मल
निर्मल उत्तराखंड से बढ़ पलायन को लेकर काफी चिंतित रहते थे। देवभूमि की लोककलाओं, संस्कृति को आगे बढ़ाने की दिशा में काफी गंभीर भी थे। निर्मल उत्तराखंड के युवा कलाकारों के लिए नाट्य, फिल्म अकादमी खोलना चाहते थे। सितंबर 2009 के आसपास वे अकादमी खोलने के लिए रानीखेत में चिलियानौला के पास भूमि देखकर गए थे। 18 फरवरी 2010 को उनका निधन हो जाने से पहाड़ के युवाओं को मंच देने का ये सपना भी अधूरा ही रह गया।
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निर्मल का सफरनामा
जन्म- 10 अगस्त 1961
पिता- हरीश चंद्र पांडे
माता- रेवा देवी
शिक्षा- नैनीताल के प्राथमिक स्कूल से नर्सरी, सीआरएसटी से 12वीं (1980) तक, डीएसबी से बीकॉम, एमए (1985)।
- 1986 में एनएसडी दिल्ली से जुड़े।
बॉलीवुड में एंट्री- 1994 में शेखर कपूर द्वारा निर्मित बैंडिट क्वीन से।
- इस रात की सुबह नहीं, औजार, प्यार किया तो डरना क्या, शिकारी, ट्रेन टू पाकिस्तान आदि कई फिल्में, 40 से अधिक देशों में 125 से अधिक नाटक, थियेटर किए।
निर्मल पांडे को आज राम सेवक सभा में दी जाएगी श्रद्धांजलि
नैनीताल। निर्मल पांडे की नवीं पुण्यतिथि पर सोमवार शाम छह बजे यहां मल्लीताल स्थित रामसेवक सभा भवन में श्रद्धांजलि दी जाएगी। निर्मल के बड़े भाई वरिष्ठ रंगकर्मी मिथिलेश पांडे ने बताया कि विशेष संगीत संध्या होगी, जिसमें एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी के संगीत के प्राध्यापक डॉ. महेश पांडे शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देंगे।