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हल्दूचौड़ के जंगल में मिला टस्कर का शव
Updated Thu, 15 Nov 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। हल्दूचौड़ के जंगल में बुधवार को टस्कर (हाथी) का शव पड़ा मिला। उसकी मौत आंतों के रोग और डायरिया से होना बताई जा रही है। बिसरा जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि टस्कर की कई दिन पहले मौत हो गई थी, जिसकी खबर तक वन विभाग को नहीं लगी।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग की हल्द्वानी रेंज के तहत टांडा पूर्वी में प्लाट संख्या-106 में टस्कर का शव पड़ा देखा तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। एसडीओ एनसी पंत और यूसी तिवारी के मुताबिक टस्कर की उम्र तकरीबन 25 वर्ष है। सभी अंग सुरक्षित हैं। वह बेहद कमजोर हो गया था। तीन डॉक्टरों के पैनल से टस्कर का पोस्टमार्टम कराया गया है। बाद में शव को दफना दिया गया। डॉ. डीसी जोशी ने बताया कि टस्कर का पेट खाली था। आंतों के रोग और डायरिया से हाथी की मौत होने की मौत होने की आशंका है। 15-18 घंटे पहले हाथी की मौत होने की आशंका है।
दो तीन दिन पुराना है शव
हल्द्वानी। हल्दूचौड़ के ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में टस्कर का शव दो-तीन दिन से पड़ा हुआ था। वन विभाग को इसकी सूचना नहीं थी लेकिन जब शव सड़ने से दुर्गंध आई तब वन टीम मौके पर पहुंचे।
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आंत में निकले कीड़े और द्रव्य भी जांच के लिए भेजा
हल्द्वानी। टस्कर के पोस्टमार्टम के दौरान उसकी आंतों में कीड़े पड़े हुए थे। दुर्गंध वाला द्रव्य भी था। डॉक्टर ने इन कीड़ों और द्रव्य के भी नमूने लेकर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे हैं।
अभी तक हुई सात मौतें
हल्द्वानी। इस साल जनवरी से नवंबर तक अभी तक तराई केंद्रीय वन प्रभाग में पांच हाथियों की मौत हुई हैं। ट्रेन की टक्कर से तीन, पंतनगर में डूबने से एक की मौत हुई। वहीं पश्चिमी वन वृत्त में सात-आठ हाथियों की मौत होने का अनुमान है।
डायरिया और आंत के रोग से पीड़ित था
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग की हल्द्वानी रेंज के तहत टांडा पूर्वी में प्लाट संख्या-106 में टस्कर का शव पड़ा देखा तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। एसडीओ एनसी पंत और यूसी तिवारी के मुताबिक टस्कर की उम्र तकरीबन 25 वर्ष है। सभी अंग सुरक्षित हैं। वह बेहद कमजोर हो गया था। तीन डॉक्टरों के पैनल से टस्कर का पोस्टमार्टम कराया गया है। बाद में शव को दफना दिया गया। डॉ. डीसी जोशी ने बताया कि टस्कर का पेट खाली था। आंतों के रोग और डायरिया से हाथी की मौत होने की मौत होने की आशंका है। 15-18 घंटे पहले हाथी की मौत होने की आशंका है।
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दो तीन दिन पुराना है शव
हल्द्वानी। हल्दूचौड़ के ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में टस्कर का शव दो-तीन दिन से पड़ा हुआ था। वन विभाग को इसकी सूचना नहीं थी लेकिन जब शव सड़ने से दुर्गंध आई तब वन टीम मौके पर पहुंचे।
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आंत में निकले कीड़े और द्रव्य भी जांच के लिए भेजा
हल्द्वानी। टस्कर के पोस्टमार्टम के दौरान उसकी आंतों में कीड़े पड़े हुए थे। दुर्गंध वाला द्रव्य भी था। डॉक्टर ने इन कीड़ों और द्रव्य के भी नमूने लेकर जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे हैं।
अभी तक हुई सात मौतें
हल्द्वानी। इस साल जनवरी से नवंबर तक अभी तक तराई केंद्रीय वन प्रभाग में पांच हाथियों की मौत हुई हैं। ट्रेन की टक्कर से तीन, पंतनगर में डूबने से एक की मौत हुई। वहीं पश्चिमी वन वृत्त में सात-आठ हाथियों की मौत होने का अनुमान है।
डायरिया और आंत के रोग से पीड़ित था