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नंधौर चोरगलिया में वाहनों के पंजीयन को बवाल
Updated Fri, 27 Apr 2018 02:33 AM IST
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बालू का अवैध खनन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हल्द्वानी। वन विकास निगम ने नंधौर नदी में खनन के लिए पहले आओ पहले पाओ फार्मूला पर निकासी करने का फैसला किया है। इसके तहत नदी में पंजीकृत सभी वाहनों का नवीनीकरण कर दिया गया है जबकि आरबीएम निकासी नदी में पहले घुसने वाले सिर्फ 580 वाहन ही कर सकेंगे।
केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय ने नंधौर नदी में पांच गेटों से 580 वाहन प्रति गेट उप खनिज निकासी की अनुमति दी है। इस तरह नदी से कुल 2900 वाहनों से उपखनिज निकासी की जाएगी। वर्तमान में नदी में एमवीआर, कड़ापानी, कड़ापानी-1 गेट है। इन गेटों से सिर्फ 1740 वाहन ही उपखनिज निकासी कर सकते हैं।
वन निगम ने 2014-15 तक नदी में पंजीकृत सभी वाहनों का नवीनीकरण करने के आदेश दिए थे। तय सीमा से ज्यादा वाहन होने पर उप खनिज निकासी को लेकर परेशानी होने पर पहले आओ पहले पाओ का फार्मूला निकाला गया। यानी कि नदी में पहले जो 580 वाहन घुस जाएंगे वो ही आरबीएम निकाल सकेंगे। अगर एक गेट पर पहुंचने वाले 581वें वाहन को निकासी की अनुमति नहीं दी जाएगी। आला अफसरों के निर्देश पर वन निगम ने नदी में पंजीकृत वाहनों का नवीनीकरण करना शुरू कर दिया है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी तक तकरीबन 3387 वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।
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-पहले आओ पहले पाओ में अराजकता का खतरा बना रहेगा। जिला खनन समिति इस मुद्दे को उठाया जाएगा और इसमें सुधार की मांग की जाएगी।
-पान सिंह मेवाड़ी, भाजपा नेता
इन खतरों की है आशंका
- नदी में पहले घुसने को लेकर वाहन स्वामियों में सिर फुटौवल
- रात भर वाहन गेट के बाहर ही खड़े रहेंगे इससे सड़क हादसे और अराजकता की आशंका
- एक वाहन का नंबर एक-एक दिन छोड़कर आएगा
आला अधिकारियों के निर्देशानुसार सभी वाहनों का नवीनीकरण कर दिया गया है। नदी में पहले आने वाले 580 वाहनों को ही निकासी दी जाएगी। फिलहाल वर्तमान में 1200 वाहनों से निकासी हो रही है।
- पीएस वोहरा, डीएलएम नंधौर, वन विकास निगम
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केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय ने नंधौर नदी में पांच गेटों से 580 वाहन प्रति गेट उप खनिज निकासी की अनुमति दी है। इस तरह नदी से कुल 2900 वाहनों से उपखनिज निकासी की जाएगी। वर्तमान में नदी में एमवीआर, कड़ापानी, कड़ापानी-1 गेट है। इन गेटों से सिर्फ 1740 वाहन ही उपखनिज निकासी कर सकते हैं।
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वन निगम ने 2014-15 तक नदी में पंजीकृत सभी वाहनों का नवीनीकरण करने के आदेश दिए थे। तय सीमा से ज्यादा वाहन होने पर उप खनिज निकासी को लेकर परेशानी होने पर पहले आओ पहले पाओ का फार्मूला निकाला गया। यानी कि नदी में पहले जो 580 वाहन घुस जाएंगे वो ही आरबीएम निकाल सकेंगे। अगर एक गेट पर पहुंचने वाले 581वें वाहन को निकासी की अनुमति नहीं दी जाएगी। आला अफसरों के निर्देश पर वन निगम ने नदी में पंजीकृत वाहनों का नवीनीकरण करना शुरू कर दिया है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी तक तकरीबन 3387 वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।
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-पहले आओ पहले पाओ में अराजकता का खतरा बना रहेगा। जिला खनन समिति इस मुद्दे को उठाया जाएगा और इसमें सुधार की मांग की जाएगी।
-पान सिंह मेवाड़ी, भाजपा नेता
इन खतरों की है आशंका
- नदी में पहले घुसने को लेकर वाहन स्वामियों में सिर फुटौवल
- रात भर वाहन गेट के बाहर ही खड़े रहेंगे इससे सड़क हादसे और अराजकता की आशंका
- एक वाहन का नंबर एक-एक दिन छोड़कर आएगा
आला अधिकारियों के निर्देशानुसार सभी वाहनों का नवीनीकरण कर दिया गया है। नदी में पहले आने वाले 580 वाहनों को ही निकासी दी जाएगी। फिलहाल वर्तमान में 1200 वाहनों से निकासी हो रही है।
- पीएस वोहरा, डीएलएम नंधौर, वन विकास निगम