{"_id":"5a4943744f1c1b0f788b5ee9","slug":"11514750836-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आइएसबीटी............संशय बरकरार, गरमाई सियासत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आइएसबीटी............संशय बरकरार, गरमाई सियासत
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। किसान मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस अड्डे के मामले में संशय जस का तस रहने दिया। मुख्यमंत्री ने यह तो कहा कि अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए नई जमीन देख ली गई है, लेकिन इस स्थान का खुलासा नहीं किया। मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि अंतरराज्यीय बस अड्डा हल्द्वानी में ही बनेगा।
कुछ समय पूर्व ही मंत्रिमंडल ने गौलापार स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण कार्य पर रोक लगाने का फैसला किया था। इसके बाद से ही इस परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि बस अड्डे का निर्माण हल्द्वानी में ही होगा और इसके लिए नई जमीन खोजे जाने का निर्देश दिया जा चुका है। बस अड्डे के निर्माण रोके जाने से खफा नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए भूख हड़ताल की धमकी दी थी।
किसान मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद ही इस मुद्दे को उठाया और कहा कि बस अड्डा हल्द्वानी में ही बनेगा और किसी और बेहतर जगह पर बनेगा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भूख हड़ताल की चेतावनी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने नई जमीन भी चिह्नित कर ली है। मुख्यमंत्री ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि यह जमीन कहां हैं। ऐसे में यह मामला उलझा हुआ ही रह गया। दूसरी ओर, वन विभाग साफ कह रहा है कि अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए 80 एकड़ जमीन हल्द्वानी में है ही नहीं। वन विभाग के अधिकारियों का यह भी कहना है कि एक ही प्रयोजन के लिए दो बार वन भूमि नहीं ली जा सकती।
विज्ञापन
यह भी साफ है कि इस मामले में अब सियासत और गरमाएगी। कांग्रेस ने रविवार को भी विरोध जताया और अब वह इस विरोध को और तेज करने जा रही है। हल्द्वानी में ही बनने के मुख्यमंत्री के दावे को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने खारिज किया है। इंदिरा का कहना है कि हल्द्वानी में इतनी जमीन है ही नहीं। वन विभाग से जो जमीन ली जाती है उसके बदले में दोगुनी जमीन दी जाती है। वन भूमि हस्तांतरण की लंबी प्रकिया है। गौलापार में ही वन भूमि को लेने में उनकी कांग्रेस सरकार को खासी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक साफ है कि अंतरराज्यीय बस अड्डा अब बनेगा ही नहीं, केवल बाते ही होंगी।
अंतरराज्यीय बस अड्डे के हल्द्वानी में ही बनने के दावे को दोहराया
मुख्यमंत्री ने जगह चिह्नित कर लेने का दावा किया, नई जमीन का खुलासा नहीं किया
नेता प्रतिपक्ष ने खारिज किया मुख्यमंत्री का दावा, कहा-यह तय है कि अब बनेगा ही नहीं
नया साल नहीं मनाऊंगी : इंदिरा
मैं अंतरराज्यीय बस अड्डे के न बनने से आहत हूं। मैंने तय कर लिया है कि अब मुझे अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए संघर्ष करना होगा। मैं भावुक हूं और मैंने नया साल न मनाने का फैसला कर लिया है। मैं तीस जनवरी को धरने पर बैठूंगी।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक
विज्ञापन
कुछ समय पूर्व ही मंत्रिमंडल ने गौलापार स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे के निर्माण कार्य पर रोक लगाने का फैसला किया था। इसके बाद से ही इस परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। मुख्यमंत्री ने पूर्व में कहा था कि बस अड्डे का निर्माण हल्द्वानी में ही होगा और इसके लिए नई जमीन खोजे जाने का निर्देश दिया जा चुका है। बस अड्डे के निर्माण रोके जाने से खफा नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने सरकार को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए भूख हड़ताल की धमकी दी थी।
विज्ञापन
किसान मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद ही इस मुद्दे को उठाया और कहा कि बस अड्डा हल्द्वानी में ही बनेगा और किसी और बेहतर जगह पर बनेगा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भूख हड़ताल की चेतावनी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने नई जमीन भी चिह्नित कर ली है। मुख्यमंत्री ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि यह जमीन कहां हैं। ऐसे में यह मामला उलझा हुआ ही रह गया। दूसरी ओर, वन विभाग साफ कह रहा है कि अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए 80 एकड़ जमीन हल्द्वानी में है ही नहीं। वन विभाग के अधिकारियों का यह भी कहना है कि एक ही प्रयोजन के लिए दो बार वन भूमि नहीं ली जा सकती।
विज्ञापन
यह भी साफ है कि इस मामले में अब सियासत और गरमाएगी। कांग्रेस ने रविवार को भी विरोध जताया और अब वह इस विरोध को और तेज करने जा रही है। हल्द्वानी में ही बनने के मुख्यमंत्री के दावे को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने खारिज किया है। इंदिरा का कहना है कि हल्द्वानी में इतनी जमीन है ही नहीं। वन विभाग से जो जमीन ली जाती है उसके बदले में दोगुनी जमीन दी जाती है। वन भूमि हस्तांतरण की लंबी प्रकिया है। गौलापार में ही वन भूमि को लेने में उनकी कांग्रेस सरकार को खासी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी। नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक साफ है कि अंतरराज्यीय बस अड्डा अब बनेगा ही नहीं, केवल बाते ही होंगी।
अंतरराज्यीय बस अड्डे के हल्द्वानी में ही बनने के दावे को दोहराया
मुख्यमंत्री ने जगह चिह्नित कर लेने का दावा किया, नई जमीन का खुलासा नहीं किया
नेता प्रतिपक्ष ने खारिज किया मुख्यमंत्री का दावा, कहा-यह तय है कि अब बनेगा ही नहीं
नया साल नहीं मनाऊंगी : इंदिरा
मैं अंतरराज्यीय बस अड्डे के न बनने से आहत हूं। मैंने तय कर लिया है कि अब मुझे अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए संघर्ष करना होगा। मैं भावुक हूं और मैंने नया साल न मनाने का फैसला कर लिया है। मैं तीस जनवरी को धरने पर बैठूंगी।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष और हल्द्वानी विधायक