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जुलाई तक दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं व्यापारी
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जीएसटी
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हल्द्वानी। जीएसटी लागू होने के बाद दो साल में जिन व्यापारियों का पंजीकरण रद्द हो गया है वह दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए व्यापारियों को अपना पुराना बकाया टैक्स जमा करना होगा। ऐसे व्यापारी 22 जुलाई तक अपना आवेदन राज्य कर विभाग में जमा कर सकते हैं।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस संबंध में सभी राज्य कर अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। कुमाऊं के पांच हजार से अधिक व्यापारियों के पास दोबारा पंजीकरण का मौका है।
कुमाऊं संभाग के रुद्रपुर और हल्द्वानी संभाग में करीब 50 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। दोनों संभागों में 22 सेक्टर हैं। राज्य में 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण कराना होता है। पंजीकृत व्यापारियों को प्रत्येक माह जीएसटीआर-3बी के तहत रिटर्न दाखिल करना होता है। जीएसटी के नियमों के मुताबिक दो तिमाही टैक्स जमा न करने पर व्यापारी का पंजीकरण निरस्त हो जाता है।
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कुमाऊं के पांच हजार व्यापारी करा सकते हैं दोबारा पंजीकरण
टैक्स जमा नहीं करने पर रद्द हो गया था पंजीकरण, 22 जुलाई तक राज्य कर विभाग में करना होगा आवेदन
इस कारण भी पंजीकरण निरस्त होता है
जीएसटी पंजीकरण निरस्त होने के कई कारण हैं। व्यापारी अगर 20 लाख रुपये से कम टर्नओवर करता है तो वह पंजीयन निरस्त करा सकता है। इसके अलावा व्यापारी अपनी स्वेच्छा से, फर्म स्वामी की मृत्यु होने और परिवार व्यापार नहीं करना चाहता हो, फर्म शिफ्ट होने पर, पार्टनरशिप समाप्त होने पर, कंपनी के संविधान में परिवर्तन होने पर भी पंजीयन निरस्त हो जाता है।
कुमाऊं में 5000 से अधिक व्यापारियों का पंजीकरण निरस्त
कुमाऊं के दोनों संभागों के 22 सेक्टरों में वर्ष 2018-19 में 5000 से अधिक कारोबारियों का पंजीकरण टैक्स जमा न करने पर निरस्त हो गया। रुद्रपुर संभाग में 2507 और हल्द्वानी में करीब 2500 व्यापारियों के पंजीकरण रद्द हो गए। इन व्यापारियों को बकाया कर और लंबित रिटर्न जमा करना होगा। 22 जुलाई के पहले व्यापारी अपना आवेदन पत्र राज्य कर विभाग में जमा कर सकते हैं।
जिन व्यापारियों का टैक्स जमा न करने पर पंजीयन निरस्त हो गया था, उनको दोबारा मौका मिलेगा। 22 जुलाई तक बकाया टैक्स जमा कर आवेदन करने पर ऐसे व्यापारियों का पंजीकरण हो जाएगा।
पीएस डुंगरियाल, संयुक्त आयुक्त, राज्यकर, कुमाऊं संभाग
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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस संबंध में सभी राज्य कर अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है। कुमाऊं के पांच हजार से अधिक व्यापारियों के पास दोबारा पंजीकरण का मौका है।
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कुमाऊं संभाग के रुद्रपुर और हल्द्वानी संभाग में करीब 50 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। दोनों संभागों में 22 सेक्टर हैं। राज्य में 20 लाख से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण कराना होता है। पंजीकृत व्यापारियों को प्रत्येक माह जीएसटीआर-3बी के तहत रिटर्न दाखिल करना होता है। जीएसटी के नियमों के मुताबिक दो तिमाही टैक्स जमा न करने पर व्यापारी का पंजीकरण निरस्त हो जाता है।
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कुमाऊं के पांच हजार व्यापारी करा सकते हैं दोबारा पंजीकरण
टैक्स जमा नहीं करने पर रद्द हो गया था पंजीकरण, 22 जुलाई तक राज्य कर विभाग में करना होगा आवेदन
इस कारण भी पंजीकरण निरस्त होता है
जीएसटी पंजीकरण निरस्त होने के कई कारण हैं। व्यापारी अगर 20 लाख रुपये से कम टर्नओवर करता है तो वह पंजीयन निरस्त करा सकता है। इसके अलावा व्यापारी अपनी स्वेच्छा से, फर्म स्वामी की मृत्यु होने और परिवार व्यापार नहीं करना चाहता हो, फर्म शिफ्ट होने पर, पार्टनरशिप समाप्त होने पर, कंपनी के संविधान में परिवर्तन होने पर भी पंजीयन निरस्त हो जाता है।
कुमाऊं में 5000 से अधिक व्यापारियों का पंजीकरण निरस्त
कुमाऊं के दोनों संभागों के 22 सेक्टरों में वर्ष 2018-19 में 5000 से अधिक कारोबारियों का पंजीकरण टैक्स जमा न करने पर निरस्त हो गया। रुद्रपुर संभाग में 2507 और हल्द्वानी में करीब 2500 व्यापारियों के पंजीकरण रद्द हो गए। इन व्यापारियों को बकाया कर और लंबित रिटर्न जमा करना होगा। 22 जुलाई के पहले व्यापारी अपना आवेदन पत्र राज्य कर विभाग में जमा कर सकते हैं।
जिन व्यापारियों का टैक्स जमा न करने पर पंजीयन निरस्त हो गया था, उनको दोबारा मौका मिलेगा। 22 जुलाई तक बकाया टैक्स जमा कर आवेदन करने पर ऐसे व्यापारियों का पंजीकरण हो जाएगा।
पीएस डुंगरियाल, संयुक्त आयुक्त, राज्यकर, कुमाऊं संभाग