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पर्यावरण मित्र पर्याप्त फिर भी तोड़ ढूंढने में जुटे रहे अधिकारी
Updated Sun, 02 Dec 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। शहरी विकास विभाग के शासनादेश के आधार पर पर्याप्त पर्यावरण मित्र होने के बाद भी निगम के अधिकारी नए क्षेत्रों में सफाई कराने से पीछे हट रहे हैं। निगम के अधिकारी इसका तोड़ ढूंढने में लगे हैं कि जिला पंचायत की ओर से की गई व्यवस्था को कैसे जारी रखा जाए।
निगम सूत्रों की मानें तो शनिवार को अधिकारी जिला पंचायत की ओर से की जा रही सफाई व्यवस्था को ही जारी रखने के लिए नीति बनाते रहे जबकि एक-दो अधिकारियों ने निगम की माली हालत देखते हुए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी होने के बाद इन्हीं कर्मचारियों को नए क्षेत्र में लगाने का सुझाव दिया। रविवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में जिला पंचायत की ओर से की गई व्यवस्था को ही सुचारु रखने पर विचार किया जा सकता है।
एनजीओ से सफाई कराने का तोड़ खोज रहे अधिकारी
निगम की जनसंख्या के हिसाब से पर्यावरण मित्र पर्याप्त जिला पंचायत के
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े बाबुओं को नहीं पता कर्मचारियों की संख्या
नगर निगम के हाल यह है कि विभाग से जुड़े अधिकारियों को यह जानकारी नहीं है कि उनके विभाग में कितने कर्मचारी हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल का पारा शनिवार को उस समय चढ़ गया जब एकाउंट और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से भेजी गई लिस्ट में सफाई कर्मचारियों के डाटा में अंतर था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के बाबू से इसकी जानकारी ली तो वह सही जवाब नहीं दे पाया।
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निगम सूत्रों की मानें तो शनिवार को अधिकारी जिला पंचायत की ओर से की जा रही सफाई व्यवस्था को ही जारी रखने के लिए नीति बनाते रहे जबकि एक-दो अधिकारियों ने निगम की माली हालत देखते हुए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी होने के बाद इन्हीं कर्मचारियों को नए क्षेत्र में लगाने का सुझाव दिया। रविवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में जिला पंचायत की ओर से की गई व्यवस्था को ही सुचारु रखने पर विचार किया जा सकता है।
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एनजीओ से सफाई कराने का तोड़ खोज रहे अधिकारी
निगम की जनसंख्या के हिसाब से पर्यावरण मित्र पर्याप्त जिला पंचायत के
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े बाबुओं को नहीं पता कर्मचारियों की संख्या
नगर निगम के हाल यह है कि विभाग से जुड़े अधिकारियों को यह जानकारी नहीं है कि उनके विभाग में कितने कर्मचारी हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल का पारा शनिवार को उस समय चढ़ गया जब एकाउंट और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से भेजी गई लिस्ट में सफाई कर्मचारियों के डाटा में अंतर था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के बाबू से इसकी जानकारी ली तो वह सही जवाब नहीं दे पाया।
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