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निगम में मानकों से अधिक सफाई कर्मचारी फिर भी नहीं हो रही है सफाई
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:56 AM IST
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हल्द्वानी। नगर निगम के पास 2011 की जनसंख्या मानकों से अधिक पर्यावरण मित्र हैं। इसके बाद भी नगर निगम नए शामिल हुए क्षेत्र से सफाई कराने से हाथ पीछे खींच रहा है। निगम शामिल हुए क्षेत्र में जिला पंचायत की गाड़ियों से ही सफाई कराने की रणनीति बना रहा है।
शासनादेश के आधार पर हल्द्वानी नगर निगम श्रेणी दो में आ गया है। शासनादेश के अनुसार 2 से पांच लाख की जनसंख्या तक के नगर निगम श्रेणी दो में हैं। शासनादेश में साफ लिखा है कि पर्यावरण मित्र (पूर्व नाम सफाई कर्मचारी) दो पद प्रति हजार जनसंख्या 2011 के अनुसार रखे जाएंगे। हल्द्वानी की जनसंख्या 2011 के अनुसार 2.80 लाख है। इस हिसाब से नगर निगम में 560 पर्यावरण मित्र रखे जाने का प्रावधान है। लेकिन नगर निगम में स्थायी, संविदा, रात्रि पाली में काम करने वाले सफाई कर्मचारी, नाला गैंग और स्वच्छता समिति लगाकर कुल 605 पर्यावरण मित्र हैं। इस हिसाब से नगर निगम के पास पर्याप्त सफाई कर्मचारी हैं। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी निगम में शामिल नए क्षेत्र की सफाई नहीं करा रहे हैं। शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों ने तीन घंटे बैठकर नए शामिल क्षेत्र में जिला पंचायत की गाड़ियों के साथ अनुबंध करने में विचार किया।
निगम में मानकों से अधिक पर्यावरण मित्र
फिर भी नए क्षेत्र में सफाई कराने से पीछे हट रहा निगम
2011 के मानकों के अनुसार निगम को 560 पर्यावरण मित्र की जरूरत
निगम के पास मौजूदा समय में स्वच्छता समिति लगाकर 605 कर्मचारी हैं
नगर निगम में पर्यावरण मित्रों की कमी है। स्वच्छता समिति को पर्यावरण मित्र में नहीं गिना जा सकता है। निगम के पास बजट का अभाव है। इसलिए अभी नए क्षेत्रों में पुरानी सफाई व्यवस्था से ही काम चलाया जाएगा।
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चंद्र सिंह मर्तोलिया, नगर आयुक्त
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शासनादेश के आधार पर हल्द्वानी नगर निगम श्रेणी दो में आ गया है। शासनादेश के अनुसार 2 से पांच लाख की जनसंख्या तक के नगर निगम श्रेणी दो में हैं। शासनादेश में साफ लिखा है कि पर्यावरण मित्र (पूर्व नाम सफाई कर्मचारी) दो पद प्रति हजार जनसंख्या 2011 के अनुसार रखे जाएंगे। हल्द्वानी की जनसंख्या 2011 के अनुसार 2.80 लाख है। इस हिसाब से नगर निगम में 560 पर्यावरण मित्र रखे जाने का प्रावधान है। लेकिन नगर निगम में स्थायी, संविदा, रात्रि पाली में काम करने वाले सफाई कर्मचारी, नाला गैंग और स्वच्छता समिति लगाकर कुल 605 पर्यावरण मित्र हैं। इस हिसाब से नगर निगम के पास पर्याप्त सफाई कर्मचारी हैं। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी निगम में शामिल नए क्षेत्र की सफाई नहीं करा रहे हैं। शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों ने तीन घंटे बैठकर नए शामिल क्षेत्र में जिला पंचायत की गाड़ियों के साथ अनुबंध करने में विचार किया।
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निगम में मानकों से अधिक पर्यावरण मित्र
फिर भी नए क्षेत्र में सफाई कराने से पीछे हट रहा निगम
2011 के मानकों के अनुसार निगम को 560 पर्यावरण मित्र की जरूरत
निगम के पास मौजूदा समय में स्वच्छता समिति लगाकर 605 कर्मचारी हैं
नगर निगम में पर्यावरण मित्रों की कमी है। स्वच्छता समिति को पर्यावरण मित्र में नहीं गिना जा सकता है। निगम के पास बजट का अभाव है। इसलिए अभी नए क्षेत्रों में पुरानी सफाई व्यवस्था से ही काम चलाया जाएगा।
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चंद्र सिंह मर्तोलिया, नगर आयुक्त