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टेरी ने वन कर्मियों को सिखाई कार्बन कम करने की बारीकियां
Updated Wed, 14 Nov 2018 02:16 AM IST
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forest shimla
हल्द्वानी। द एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी) मुंबई की ओर से वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (एफटीआई) में पांच दिनी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वनों के जरिए कार्बन को कम करने क ी बारीकियां सिखाई जा रही हैं। सोमवार से शुरू यह कार्यशाला 16 नवंबर तक चलेगी।
एफटीआई के निदेशक डॉ. विवेक पांडे ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। बताया कि पेरिस क्लाइमेट समिट 2015 में भारत ने कार्बन उत्सर्जन कम करने का इरादा जताया था। इसके तहत 2030 तक ढाई से तीन अरब टन कार्बन डाई ऑक्साइड कम करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि ये एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसके लिए वन विभाग को नई तकनीक विकसित करनी है। इस दौरान वनरक्षक, वन दरोगा, डिप्टी रेंजर, रेंजरों को पेड़ के तने, पत्तियों, शाखाओं में कार्बन मापने की तकनीक सिखाई गई। टेरी के डॉ. सैयद आरिफ वली ने संचालन किया। इस दौरान अपर प्रमुख वन संरक्षक विनीत पांगती, उप निदेशक अकादमी डॉ. प्रवीण कुमार, जीवन चंद्र जोशी, सिद्धार्थ, दिनेश राणा आदि थे।
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एफटीआई के निदेशक डॉ. विवेक पांडे ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। बताया कि पेरिस क्लाइमेट समिट 2015 में भारत ने कार्बन उत्सर्जन कम करने का इरादा जताया था। इसके तहत 2030 तक ढाई से तीन अरब टन कार्बन डाई ऑक्साइड कम करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि ये एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसके लिए वन विभाग को नई तकनीक विकसित करनी है। इस दौरान वनरक्षक, वन दरोगा, डिप्टी रेंजर, रेंजरों को पेड़ के तने, पत्तियों, शाखाओं में कार्बन मापने की तकनीक सिखाई गई। टेरी के डॉ. सैयद आरिफ वली ने संचालन किया। इस दौरान अपर प्रमुख वन संरक्षक विनीत पांगती, उप निदेशक अकादमी डॉ. प्रवीण कुमार, जीवन चंद्र जोशी, सिद्धार्थ, दिनेश राणा आदि थे।
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