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Nainital News: ट्रांसपोर्ट नगर में बिना लाइसेंस चल रहे थे 11 बॉयलर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Oct 2023 02:08 AM IST
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11 boilers were running without license in Transport Nagar
माई सिटी रिपोर्टर
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हल्द्वानी। यातायात नगर में बिना लाइसेंस 11 बॉयलर चल रहे थे। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने छापा मारा तो किसी भी व्यापारी के पास बॉयलर का लाइसेंस नहीं था। सिटी मजिस्ट्रेट ने अग्रिम आदेशों तक इनके संचालन पर रोक लगा दी है।
बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह यातायात नगर पहुंचीं। वहां वह नालियों से अतिक्रमण हटा रही थीं। तभी उनकी नजर बॉयलर पर पड़ी। उन्होंने दुकान स्वामी से बॉयलर चलाने का लाइसेंस दिखाने को कहा, लेकिन वह नहीं दिखा सका। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने पड़ताल की तो वह 11 बॉयलर मिले, लेकिन किसी के पास लाइसेंस नहीं थे।
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सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने सभी बॉयलरों को तत्काल बंद करा दिया। साथ ही डिप्टी डायरेक्टर कारखाना एंड बॉयलर को पत्र भेजा गया है। उनसे बॉयलर का निरीक्षण करने को कहा है। उधर सिटी मजिस्ट्रेट ने नालियों के ऊपर कब्जा करने वालों पर भी कार्रवाई की।
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उन्होंने बताया कि यातायात नगर के पास 850 दुकानें हैं। इनमें से 75 प्रतिशत दुकानदारों ने नालियों से अतिक्रमण हटा दिया है। कहा कि अभियान जारी रहेगा। श्





बॉयलर फटा तो यह हो सकता है नुकसान
हल्द्वानी। बॉयलर में पानी से भाप बनाई जाती है। भाप का अधिक दबाव होने और चादर पतली लगी होने के कारण बॉयलर के फटने का खतरा बना रहता है। बॉयलर फटने से लोग झुलस सकते हैं। इसके विस्फोट से जनहानि भी हो सकती है।



वाहनों के टायर पर रबड़ चढ़ाने के लिए होता है बॉयलर का प्रयोग
हल्द्वानी। यातायात नगर में बॉयलर का प्रयोग टायर पर रबड़ चढ़ाने के लिए किया जाता है। रबड़ चढ़ाने से पहले भाप की मदद से टायर को गर्म किया जाता है। इसके बाद रबड़ चढ़ाई जाती है। रबड़ चढ़ाने के बाद दोबारा इसे गर्म किया जाता है।




बॉयलर चलाने के क्या हैं मानक
25 लीटर पानी के बॉयलर बिना लाइसेंस के चलाए जाते हैं। इससे अधिक क्षमता के बॉयलर चलाने के लिए कारखाना एंड बॉयलर विभाग से लाइसेंस लेना होता है। लाइसेंस देने से पहले विभाग बॉयलर में लगी चादर की मोटाई, पाइप की मोटाई और सुरक्षा मानकों की जांच करता है। मानक पर खरा उतरने पर लाइसेंस जारी किया जाता है।
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