{"_id":"5ab95fc54f1c1b2b618b5c56","slug":"101522098117-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूओयू में पत्रकारिता विभाग की तीन दिवसीय कार्यषाला शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूओयू में पत्रकारिता विभाग की तीन दिवसीय कार्यषाला शुरू
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:43 AM IST
विज्ञापन
student shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। अमेरिका के जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय की भारतीय शाखा में मीडिया शोध प्रोग्राम निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कृष्णात्रेय ने कहा कि भारत में अभी मीडिया शोध दुनिया के विकसित देशों की तुलना में काफी पीछे है। वर्तमान समय में मीडिया, समाज और राजनीति के रिश्तों को समझने के लिए मीडिया शोध अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग की तीन दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन उन्होंने भारतीय और विश्व मीडिया के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र मीडिया का होना बहुत जरूरी है। पत्रकारिता विभाग के कोऑर्डिनेटर भूपेन सिंह ने मीडिया शोध के व्यावहारिक पक्षों पर चर्चा की। जामिया मिलिया इस्लामिया की डॉ. कुसुम लता ने विद्यार्थियों को मीडिया, संचार शोध लेखन की बारीकियां समझाईं। अध्यक्षता प्रो. एचपी शुक्ला ने की। कार्यशाला 28 मार्च तक चलेगी। इस दौरान प्रो. गिरिजा पांडे, डॉ. हरीश जोशी, डॉ. चारु पंत, पत्रकारिता के अकादमिक परामर्शदाता राजेंद्र क्वीरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग की तीन दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन उन्होंने भारतीय और विश्व मीडिया के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र मीडिया का होना बहुत जरूरी है। पत्रकारिता विभाग के कोऑर्डिनेटर भूपेन सिंह ने मीडिया शोध के व्यावहारिक पक्षों पर चर्चा की। जामिया मिलिया इस्लामिया की डॉ. कुसुम लता ने विद्यार्थियों को मीडिया, संचार शोध लेखन की बारीकियां समझाईं। अध्यक्षता प्रो. एचपी शुक्ला ने की। कार्यशाला 28 मार्च तक चलेगी। इस दौरान प्रो. गिरिजा पांडे, डॉ. हरीश जोशी, डॉ. चारु पंत, पत्रकारिता के अकादमिक परामर्शदाता राजेंद्र क्वीरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन