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गन्ना केंद्र के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से भड़के काश्तकार
Updated Sat, 24 Mar 2018 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। फुटकुआं स्थित गन्ना सेंटर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गन्ना उत्पादकों में भारी गुस्सा है। शुक्रवार को गन्ना लेकर केंद्र में पहुंचे काश्तकारों का गन्ना तो अधिकारियों ने तोल के बाद जमा करा दिया लेकिन काश्तकारों को उसकी पर्ची उपलब्ध नहीं कराई। इसे लेकर काश्तकारों ने हंगामा किया। हंगामे के बाद केंद्र के प्रभारी वहां से चलते बने। काश्तकारों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र केंद्र के अधिकारियों ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो वह आंदोलन करेंगे।
शुक्रवार को कई गन्ना उत्पादक गन्ने की बिक्री के लिए फुटकुआं स्थित गन्ना केंद्र में पहुंचे। वहां मौजूद अधिकारियों ने काश्तकारों के गन्ने की तोल कर गन्ना तो ले लिया लेकिन उसके एवज में काश्तकारों को न तो कोई रसीद दी और न ही उन्हें गन्ने की पर्ची ही मिली। काश्तकारों ने तोल की रसीद मांगी लेकिन वह भी उन्हें नहीं दी गई। इसे लेकर काश्तकारों की केंद्र प्रभारी व अन्य कर्मचारियों ने कहासुनी भी हुई। काश्तकार गोपाल सिंह क्वीरा ने बताया कि गन्ने की तोल कराने के बाद केंद्र प्रभारी वहां से अन्यत्र चले गए। जिस कारण काश्तकारों को बैरंग लौटना पड़ा। काश्तकारों ने केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों पर तोल में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। हंगामा करने वालों में गोपाल सिंह, पूर्व प्रधान पान सिंह व घावर सिंह आदि शामिल थे। इस संबंध में सहायक गन्ना आयुक्त धर्मवीर सिंह से से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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शुक्रवार को कई गन्ना उत्पादक गन्ने की बिक्री के लिए फुटकुआं स्थित गन्ना केंद्र में पहुंचे। वहां मौजूद अधिकारियों ने काश्तकारों के गन्ने की तोल कर गन्ना तो ले लिया लेकिन उसके एवज में काश्तकारों को न तो कोई रसीद दी और न ही उन्हें गन्ने की पर्ची ही मिली। काश्तकारों ने तोल की रसीद मांगी लेकिन वह भी उन्हें नहीं दी गई। इसे लेकर काश्तकारों की केंद्र प्रभारी व अन्य कर्मचारियों ने कहासुनी भी हुई। काश्तकार गोपाल सिंह क्वीरा ने बताया कि गन्ने की तोल कराने के बाद केंद्र प्रभारी वहां से अन्यत्र चले गए। जिस कारण काश्तकारों को बैरंग लौटना पड़ा। काश्तकारों ने केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों पर तोल में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। हंगामा करने वालों में गोपाल सिंह, पूर्व प्रधान पान सिंह व घावर सिंह आदि शामिल थे। इस संबंध में सहायक गन्ना आयुक्त धर्मवीर सिंह से से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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