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बैंक कर्मियों की हड़ताल से सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित
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हल्द्वानी। बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन बैंकों और बीमा कंपनियों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंकों की हड़ताल से नैनीताल जिले में करीब एक सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बैंकिंग लॉ संशोधन बिल पेश किया गया तो देशभर के बैंक कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल को बाध्य होंगे।
भारतीय स्टेट बैंक की नैनीताल रोड स्थित मुख्य शाखा के समक्ष एकजुट होकर बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि यह बैंकों को बेचने की साजिश है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। गरीब तबके के लोगों की बैंकिंग सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। आम जनता का करीब 16 करोड़ रुपया पूंजीपतियों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। इसका वह अपने हितों के लिए इस्तेमाल करेंगे। सभा में कुलदीप बावेजा, योगेश पंत, गौरव गोयल आदि ने मंच के माध्यम से केंद्र सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर करने और बेचने की साजिश का आरोप लगाया।
ये रहे मौजूद
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हल्द्वानी मॉड्यूल के उप महासचिव कुलदीप बावेजा, ऑफिसर्स एसोसिएशन के ओम प्रकाश नियोलिया, हेमलता पांडे, यूबीईयू के जिला सचिव केएन शर्मा, पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश पंत, राजीव कुमार, उमेश साह, रोहित वर्मा, हिमांशु बृजवाल, बसंत बल्लभ जोशी, रूपाली वल्दिया, हेमलता धामी, ज्योति आर्य, ईश्वर सिंह भंडारी, राकेश पांडे, यूनियन बैंक के गौरव गोयल, अमन वर्मा, शिवराज सिंह रावत, हेम चंद्र जोशी, हीरा बल्लभ, हीरा राम, दीपक राम, महेश शर्मा, राजेंद्र सिंह गाल, केके बोरा, राहुल देव, महेश लाल, मोहन इंद्र सिंह बसेरा, संजय मेहरा, ललित जोशी, हेमू जोशी, उपेंद्र मनराल, महेश पांगती, उमाशंकर जोशी, ललित मोहन बिष्ट, चंदन सिंह, दिनेश गहतोड़ी, नरेंद्र सिंह राजपूत, चतुर सिंह खत्री, हरीश बिष्ट आदि।
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बीमा कर्मी भी लामबंद
हल्द्वानी। बीमा कर्मचारी संघ हल्द्वानी डिवीजन के कर्मचारियों ने सार्वजनिक संस्थान के बैंकों के देशव्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम के मंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन एवं नारेबाजी करते हुए बैंकों के निजीकरण करने के निर्णय की भर्त्सना की। सभा में भानु प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही 10 सरकारी बैंकों का विलय करके चार बैंक बना चुकी है और अब शेष सरकारी बैंकों का क्रमबद्ध तरीके से निजीकरण करने के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बैंक लॉ संशोधन बिल 2021 पेश करने जा रही है। वर्तमान सरकार, सरकारी बैंकों में अपनी वर्तमान हिस्सेदारी को 51 प्रतिशत से घटाकर 26 प्रतिशत करने जा रही है। नीति आयोग की सिफारिश एवं सरकार की नीतियों के मुताबिक जल्द ही देश में केवल दो सरकारी बैंक शेष रह जाएंगे। वर्तमान में कुल 12 सरकारी बैंक हैं।
उपाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी बैंकों के निजीकरण से बैंकों की पहुंच किसान एवं गरीब जनता से दूर हो जाएगी, लोन महंगे हो जाएंगे, जनता की मेहनत की कमाई बाजार के जोखिम के अधीन हो जाएगी। प्रदर्शन में अशोक कश्यप, केवल भट्ट, विजय सिंह अधिकारी, रविंद्र कुमार, हेमंत कुमार, जेपी पंत, प्रमोद अग्रवाल, एनएस कैड़ा, पीसी जोशी, हीरा सिंह बिष्ट, रेवाधर शर्मा, देवेश रौतेला, डीएन जोशी, मोहन पांडे, नवीन गुर्रानी, शीला जोशी, गीता आर्या, निर्मला कुरियाल आदि शामिल थे।
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भारतीय स्टेट बैंक की नैनीताल रोड स्थित मुख्य शाखा के समक्ष एकजुट होकर बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि यह बैंकों को बेचने की साजिश है। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। गरीब तबके के लोगों की बैंकिंग सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। आम जनता का करीब 16 करोड़ रुपया पूंजीपतियों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। इसका वह अपने हितों के लिए इस्तेमाल करेंगे। सभा में कुलदीप बावेजा, योगेश पंत, गौरव गोयल आदि ने मंच के माध्यम से केंद्र सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर करने और बेचने की साजिश का आरोप लगाया।
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ये रहे मौजूद
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हल्द्वानी मॉड्यूल के उप महासचिव कुलदीप बावेजा, ऑफिसर्स एसोसिएशन के ओम प्रकाश नियोलिया, हेमलता पांडे, यूबीईयू के जिला सचिव केएन शर्मा, पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश पंत, राजीव कुमार, उमेश साह, रोहित वर्मा, हिमांशु बृजवाल, बसंत बल्लभ जोशी, रूपाली वल्दिया, हेमलता धामी, ज्योति आर्य, ईश्वर सिंह भंडारी, राकेश पांडे, यूनियन बैंक के गौरव गोयल, अमन वर्मा, शिवराज सिंह रावत, हेम चंद्र जोशी, हीरा बल्लभ, हीरा राम, दीपक राम, महेश शर्मा, राजेंद्र सिंह गाल, केके बोरा, राहुल देव, महेश लाल, मोहन इंद्र सिंह बसेरा, संजय मेहरा, ललित जोशी, हेमू जोशी, उपेंद्र मनराल, महेश पांगती, उमाशंकर जोशी, ललित मोहन बिष्ट, चंदन सिंह, दिनेश गहतोड़ी, नरेंद्र सिंह राजपूत, चतुर सिंह खत्री, हरीश बिष्ट आदि।
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बीमा कर्मी भी लामबंद
हल्द्वानी। बीमा कर्मचारी संघ हल्द्वानी डिवीजन के कर्मचारियों ने सार्वजनिक संस्थान के बैंकों के देशव्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम के मंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन एवं नारेबाजी करते हुए बैंकों के निजीकरण करने के निर्णय की भर्त्सना की। सभा में भानु प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही 10 सरकारी बैंकों का विलय करके चार बैंक बना चुकी है और अब शेष सरकारी बैंकों का क्रमबद्ध तरीके से निजीकरण करने के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में बैंक लॉ संशोधन बिल 2021 पेश करने जा रही है। वर्तमान सरकार, सरकारी बैंकों में अपनी वर्तमान हिस्सेदारी को 51 प्रतिशत से घटाकर 26 प्रतिशत करने जा रही है। नीति आयोग की सिफारिश एवं सरकार की नीतियों के मुताबिक जल्द ही देश में केवल दो सरकारी बैंक शेष रह जाएंगे। वर्तमान में कुल 12 सरकारी बैंक हैं।
उपाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी बैंकों के निजीकरण से बैंकों की पहुंच किसान एवं गरीब जनता से दूर हो जाएगी, लोन महंगे हो जाएंगे, जनता की मेहनत की कमाई बाजार के जोखिम के अधीन हो जाएगी। प्रदर्शन में अशोक कश्यप, केवल भट्ट, विजय सिंह अधिकारी, रविंद्र कुमार, हेमंत कुमार, जेपी पंत, प्रमोद अग्रवाल, एनएस कैड़ा, पीसी जोशी, हीरा सिंह बिष्ट, रेवाधर शर्मा, देवेश रौतेला, डीएन जोशी, मोहन पांडे, नवीन गुर्रानी, शीला जोशी, गीता आर्या, निर्मला कुरियाल आदि शामिल थे।