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जुनूनः माइनस 20 डिग्री में ‘तपकर’ बना खिलाड़ी
अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Tue, 15 Oct 2013 08:38 AM IST
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दुनिया में शायद भारत ही ऐसा देश होगा जहां उभरती प्रतिभाओं का नाम तक लोग नहीं जान पाते। हल्द्वानी के अमित बेलवाल को भी कितने लोग जानते हैं।
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माइनस 20 से माइनस 30 डिग्री सेल्सियस के तापमान में ‘तपकर’ हल्द्वानी का अमित बेलवाल देश की आइस हॉकी टीम में शामिल हुआ है।
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अमित ने ही सम्मान बचाया
पिछले साल देहरादून में हुए चैलेंज कप ऑफ एशिया आइस हॉकी टूर्नामेंट में जब मलयेशिया ने भारत को 13-1 से हराया तो इकलौता गोल करके अमित ने ही सम्मान बचाया था।
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अमित के अलावा आइस हॉकी की भारतीय टीम में किसी ने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया होगा पक्का नहीं है। हालांकि, अपने राज्य की टीम न होने के कारण उन्हें जम्मू-कश्मीर से खेलना पड़ता है।
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बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र
अमित मूलरूप से रानीखेत के चौबटिया के रहने वाले हैं और अभी देहरादून ग्राफिक ऐरा में बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र हैं। अमित ने इंटर की पढ़ाई हल्द्वानी से की और इससे पहले वह लद्दाख में पढ़े।
लद्दाख से ही अमित को आइस हॉकी में कुछ करने की धुन सवार हुई। आज भी जब लोग सर्दियों में बर्फीले इलाकों से नीचे उतर रहे होते हैं तो अमित बर्फ की ओर जा रहा होता है। अमित बताता है कि वह दिसंबर, जनवरी और फरवरी लेह में बिताता है।
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तीन महीने की छुट्टी लेकर लेह
अभ्यास के लिए वह अपने इंस्टीट्यूट से तीन महीने की छुट्टी लेकर लेह जाता है। इस दौरान वहां तापमान -20 से -30 डिग्री सेल्सियस तक होता है। यह एक चुनौतीपूर्ण समय होता है।
छह साल की उम्र से आइस हॉकी खेल रहे अमित ने 2006 में राज्य स्तर पर खेलना शुरू किया। वह जम्मू-कश्मीर की टीम से खेलते हैं। इसी टीम से उन्होंने 2009 में पहली बार नेशनल खेला।
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कौन लोग हमारी पहचान होंगे
आज वह भारतीय टीम के उप कप्तान हैं। 2012 में देहरादून में हुए टूर्नामेंट में उन्हें भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। 2013 में बैंकाक में चैलेंज कप में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा।
राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अलावा बीटेक कर रहे अमित अब उत्तराखंड में इस खेल का प्रसार करना चाहते हैं। इसके लिए वह कैंप लगाते हैं और युवाओं को तैयार करते हैं। ऐसे युवाओं को भी अगर सरकार प्रोत्साहित नहीं करेगी तो आने वाले समय में कौन लोग हमारी पहचान होंगे?