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पांच लोगों की मौत से यमकेश्वर में शोक की लहर
ब्यूरो/ अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Mon, 19 Dec 2016 08:08 PM IST
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यमकेश्वर कार हादसे के बाद एनएच पर गणेशपुर में लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : amar ujala.
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यमकेश्वर में सोमवार सुबह हुई कार दुर्घटना में पांच लोगों की मौत से पूरे विकासखंड में शोक की लहर छा गई है। हादसे में वरिष्ठ आंदोलनकरी इंद्रदत्त शर्मा, पत्रकार सत्यपाल पयाल समेत पांच लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकजोर दिया है।
उनकी मौत की खबर लगते ही जहां दिऊली से लेकर नीलकंठ तक बाजार बंद हो गए, वहीं गांवों से लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट और एसएसपी मुख्तार मोहसिन ने लक्ष्मणझूला पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
डीएम ने कार हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। एआरटीओ कोटद्वार को दुर्घटनाग्रस्त कार का तकनीकी मुआयना करने को कहा गया है।
सोमवार दिन में जैसे ही कार हादसे में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी इंद्रदत्त शर्मा निवासी आमड़ी, पत्रकार सत्यपाल सिंह पयाल निवासी कोठार, महिपाल सिंह निवासी निवासी मराल घट्टूगाड, मोहन सिंह बिष्ट निवासी भूमियासार डाडामंडल और नीलकंठ पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र सिंह की मौत की खबर लगी, वैसे ही बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
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दिऊली से लेकर नीलकंठ तक शोक और मातम के चलते बाजार बंद हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जनसमस्याओं के लिए संघर्षरत वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी इंद्रदत्त शर्मा सोमवार को नीलकंठ मंदिर के अधिग्रहण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के सिलसिले में अपनी कार से यमकेश्वर तहसील मुख्यालय जा रहे थे।
उनके साथ क्षेत्र के तीन अन्य लोग भी थे। इंद्रदत्त शर्मा ने नीलकंठ मंदिर का अधिग्रहण न होने की दशा में यमकेश्वर तहसील में आत्मदाह की चेतावनी पुलिस प्रशासन को दी थी। पुलिस ने ऐहतियातन नीलकंठ पुलिस चौकी में तैनात सिपाही नरेंद्र सिंह की डियूटी तहसील मुख्यालय में लगाई थी।
नीलकंठ से पीपलकोटी तक बाइक से आया कांस्टेबल नरेंद्र सिंह यहां से उनकी कार में सवार हो गया। उसे क्या पता कि जिस कार में वह सवार हो रहा है उसका यह सफर अंतिम साबित होगा।
तूनखाल से यमकेश्वर केवल 15 किमी दूर रह गया था। एकाएक तूनखाल गणेशनगर के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर खाई में जा समाई।
घटनास्थल पर पहुंचे यमकेश्वर के जिला पंचायत सदस्य हरि सिंह भण्डारी, गीता राणा और डा. मीरा रतूड़ी, पूर्व ब्लाक प्रमुख रेनू बिष्ट, प्रधान संगठन के अध्यक्ष दिनेश भट्ट, मंडी समिति के अध्यक्ष अशोक नेगी, प्रधान राजपाल सिंह राणा, विजेन्द्र सिंह बिष्ट, आशीष रतूड़ी, नितिन बडोला, सुरेश केष्टवाल, अनिल नेगी, राजबीर सिंह नेगी, देवेन्द्र सिंह राणा, धन सिंह राणा ने उनके निधन को यमकेश्वर के लिए अपूरणीय क्षति बताया। यमकेश्वर की विधायक विजया बड़थ्वाल ने लक्ष्मणझूला पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते हुए दुख जताया।
जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने कहा कि प्राइवेट कार में हादसे में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
जारी
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उनकी मौत की खबर लगते ही जहां दिऊली से लेकर नीलकंठ तक बाजार बंद हो गए, वहीं गांवों से लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट और एसएसपी मुख्तार मोहसिन ने लक्ष्मणझूला पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
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डीएम ने कार हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। एआरटीओ कोटद्वार को दुर्घटनाग्रस्त कार का तकनीकी मुआयना करने को कहा गया है।
सोमवार दिन में जैसे ही कार हादसे में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी इंद्रदत्त शर्मा निवासी आमड़ी, पत्रकार सत्यपाल सिंह पयाल निवासी कोठार, महिपाल सिंह निवासी निवासी मराल घट्टूगाड, मोहन सिंह बिष्ट निवासी भूमियासार डाडामंडल और नीलकंठ पुलिस चौकी में तैनात पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र सिंह की मौत की खबर लगी, वैसे ही बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
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दिऊली से लेकर नीलकंठ तक शोक और मातम के चलते बाजार बंद हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जनसमस्याओं के लिए संघर्षरत वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी इंद्रदत्त शर्मा सोमवार को नीलकंठ मंदिर के अधिग्रहण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के सिलसिले में अपनी कार से यमकेश्वर तहसील मुख्यालय जा रहे थे।
उनके साथ क्षेत्र के तीन अन्य लोग भी थे। इंद्रदत्त शर्मा ने नीलकंठ मंदिर का अधिग्रहण न होने की दशा में यमकेश्वर तहसील में आत्मदाह की चेतावनी पुलिस प्रशासन को दी थी। पुलिस ने ऐहतियातन नीलकंठ पुलिस चौकी में तैनात सिपाही नरेंद्र सिंह की डियूटी तहसील मुख्यालय में लगाई थी।
नीलकंठ से पीपलकोटी तक बाइक से आया कांस्टेबल नरेंद्र सिंह यहां से उनकी कार में सवार हो गया। उसे क्या पता कि जिस कार में वह सवार हो रहा है उसका यह सफर अंतिम साबित होगा।
तूनखाल से यमकेश्वर केवल 15 किमी दूर रह गया था। एकाएक तूनखाल गणेशनगर के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर खाई में जा समाई।
घटनास्थल पर पहुंचे यमकेश्वर के जिला पंचायत सदस्य हरि सिंह भण्डारी, गीता राणा और डा. मीरा रतूड़ी, पूर्व ब्लाक प्रमुख रेनू बिष्ट, प्रधान संगठन के अध्यक्ष दिनेश भट्ट, मंडी समिति के अध्यक्ष अशोक नेगी, प्रधान राजपाल सिंह राणा, विजेन्द्र सिंह बिष्ट, आशीष रतूड़ी, नितिन बडोला, सुरेश केष्टवाल, अनिल नेगी, राजबीर सिंह नेगी, देवेन्द्र सिंह राणा, धन सिंह राणा ने उनके निधन को यमकेश्वर के लिए अपूरणीय क्षति बताया। यमकेश्वर की विधायक विजया बड़थ्वाल ने लक्ष्मणझूला पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते हुए दुख जताया।
जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट ने कहा कि प्राइवेट कार में हादसे में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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