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एक किमी दूर से ढोकर लाना पड़ रहा पानी
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दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत ग्रामसभा पुरानकोट के राजस्व ग्राम भैड़गांव के ग्रामीण छह माह से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीण करीब एक किमी. दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोकर ला रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों में जल संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ रोष व्याप्त है।
दुगड्डा ब्लाक के ग्रामसभा पुरानकोट के अंतर्गत पुरानकोट और भैड़गांव में पेयजल समस्या को देखते हुए अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में अस्सी के दशक में चंडा गदेरा से पुरानकोट-भैड़गांव पेयजल योजना निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। पेयजल योजना के निर्माण के बाद दोनों गांवों को पर्याप्त पानी मिल रहा था। वर्ष 2019 की आपदा में पुरानकोट स्थित पेयजल टैंक और भैडगांव के बीच पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से भैड़गांव में पेयजल की समस्या बनी है। ग्रामीण मनोज कंडवाल, जगमोहन सिंह, सतेंद्र सिंह, देव किशोर कंडवाल, वीरेंद्र सिंह, विमला देवी, गुड्डी देवी, विद्या देवी, राजेश्वरी आदि ने बताया कि पुरानकोट पेयजल टैंक से भैड़गांव के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन के 15-20 पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में स्टैंडपोस्ट सूखे हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को करीब एक किमी. की पैदल दूरी तय कर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि प्राकृतिक जल स्रोत के आसपास जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है, जिससे लोग जान जोखिम में डालकर पानी लाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द समस्या का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट
संबंधित जेई को मौके पर भेजकर समस्या का निराकरण किया जाएगा और जल्द ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। - देवकी नंदन जोशी सहायक अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार।
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दुगड्डा ब्लाक के ग्रामसभा पुरानकोट के अंतर्गत पुरानकोट और भैड़गांव में पेयजल समस्या को देखते हुए अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में अस्सी के दशक में चंडा गदेरा से पुरानकोट-भैड़गांव पेयजल योजना निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। पेयजल योजना के निर्माण के बाद दोनों गांवों को पर्याप्त पानी मिल रहा था। वर्ष 2019 की आपदा में पुरानकोट स्थित पेयजल टैंक और भैडगांव के बीच पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से भैड़गांव में पेयजल की समस्या बनी है। ग्रामीण मनोज कंडवाल, जगमोहन सिंह, सतेंद्र सिंह, देव किशोर कंडवाल, वीरेंद्र सिंह, विमला देवी, गुड्डी देवी, विद्या देवी, राजेश्वरी आदि ने बताया कि पुरानकोट पेयजल टैंक से भैड़गांव के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन के 15-20 पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में स्टैंडपोस्ट सूखे हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को करीब एक किमी. की पैदल दूरी तय कर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि प्राकृतिक जल स्रोत के आसपास जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है, जिससे लोग जान जोखिम में डालकर पानी लाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द समस्या का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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संबंधित जेई को मौके पर भेजकर समस्या का निराकरण किया जाएगा और जल्द ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। - देवकी नंदन जोशी सहायक अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार।
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