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ग्रामीणों ने दिखाया सरकारी तंत्र को आइना
अमर उजाला/श्रीनगर।
Updated Sun, 29 May 2016 10:24 PM IST
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ग्रामीणों के मजबूत हौंसले व सहभागिता की भावना के साथ ही गांव को सुविधा संपन्न बनाने की चाहत ने सरकारी तंत्र को आइना दिखाया है। यहां बात हो रही है खांखरयों गांव के ग्रामीणों की। उन्होंने बिना वन संपदा को नुकसान पहुंचाए श्रमदान व चंदा एकत्रित कर करीब एक किमी सड़क निर्माण कर गांव को मोटर मार्ग से जोड़ दिया। गांव तक सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री तक गुहार लगाई थी।
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खिर्सू विकासखंड के खांखरयों गांव के ग्रामीणों ने स्वयं के खर्चे व श्रमदान कर गंाव तक सड़क पहुंचा कर सरकारी तंत्र को आइना दिखाया है। गांव में वर्तमान में मात्र आठ परिवार ही निवास कर रहे हैं। ग्रामीण गोवर्धन उनियाल ने बताया कि डुंगरीपंथ-छांतीखाल-खेड़ाखाल मोटर मार्ग से उनके गांव की दूरी मात्र एक किमी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण वर्ष 2006 से मांग कर रहे थे। कोई कार्रवाई नहीं होने पर दो फरवरी को ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में पत्र भेजा। 16 मार्च को पीएमओ से प्रत्र के जवाब में बताया गया कि सड़क निर्माण के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव को निर्देशित कर दिया गया है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में ग्रामीणों ने बैठक कर स्वयं ही सड़क निर्माण का निर्णय लिया। गांव से बाहर रह रहे इस गांव के लोगों ने भी चंदे में सहयोग दिया। 10 मई से सड़क निर्माण शुरू किया। 15 दिन श्रमदान कर करीब एक किमी मोटर मार्ग का निर्माण कर लिया है। अब गंाव सड़क से मात्र 200 मीटर दूर रह गया है। गोवर्धन का कहना है कि मोटर मार्ग निर्माण में अब तक मात्र 80 हजार का खर्चा आया है।
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सरकारी विभाग 12 लाख में करता इस काम को
श्रीनगर। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक किमी हल्का मोटर वाहन मार्ग बनाने में कम से कम 12 लाख का खर्चा आता है। ग्रामीणों ने यह काम मात्र 80 हजार में ही कर दिखाया। ग्रामीण गोवर्धन ने बताया कि 80 हजार में से 48 हजार रुपया जेसीबी का भुगतान किया गया है।
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