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Kotdwar News: प्रधानों ने किया बीडीसी बैठक का बहिष्कार, धरना दिया
Sun, 23 Aug 2026 06:20 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 23 Aug 2026 06:20 PM IST
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कोटद्वार। ग्राम प्रधानों ने वीबीजीरामजी योजना में ऑनलाइन उपस्थिति और फेस कैप्चर की अनिवार्यता का विरोध करते हुए बीडीसी बैठक का बहिष्कार किया। इसके बाद वे ब्लॉक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
क्षेत्र पंचायत समिति रिखणीखाल की बैठक ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। प्रधानों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। इससे विकास कार्य प्रभावित होने के साथ ही मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने में भी परेशानी हो रही है।
प्रधान संघ ने बीडीओ के माध्यम से सरकार को भेजे मांग पत्र में योजना के कार्य पूरी तरह ऑफलाइन कराने, फेस कैप्चर की अनिवार्यता समाप्त करने और तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाने वाले मजदूरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। प्रधानों का कहना था कि कई मजदूरों की केवाईसी पूरी होने के बावजूद फेस कैप्चर नहीं हो पा रहा है।
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उधर, बैठक में श्रम विभाग, संचार विभाग और वन विभाग के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। सदन में तीनों विभागों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। जिले से नोडल अधिकारी के रूप में परियोजना निदेशक पौड़ी और सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी मौजूद रहे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य झर्त ने आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने का मामला उठाया। लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने संयुक्त निरीक्षण कर समस्या के समाधान का भरोसा दिया। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी, यशपाल चौहान, पिंकी नेगी, विधायक प्रतिनिधि शालिनी बलोधी मौजूद रहे।
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क्षेत्र पंचायत समिति रिखणीखाल की बैठक ब्लॉक प्रमुख रेनू रावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। प्रधानों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। इससे विकास कार्य प्रभावित होने के साथ ही मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने में भी परेशानी हो रही है।
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प्रधान संघ ने बीडीओ के माध्यम से सरकार को भेजे मांग पत्र में योजना के कार्य पूरी तरह ऑफलाइन कराने, फेस कैप्चर की अनिवार्यता समाप्त करने और तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाने वाले मजदूरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। प्रधानों का कहना था कि कई मजदूरों की केवाईसी पूरी होने के बावजूद फेस कैप्चर नहीं हो पा रहा है।
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उधर, बैठक में श्रम विभाग, संचार विभाग और वन विभाग के अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। सदन में तीनों विभागों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। जिले से नोडल अधिकारी के रूप में परियोजना निदेशक पौड़ी और सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी मौजूद रहे।
क्षेत्र पंचायत सदस्य झर्त ने आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होने का मामला उठाया। लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने संयुक्त निरीक्षण कर समस्या के समाधान का भरोसा दिया। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी, यशपाल चौहान, पिंकी नेगी, विधायक प्रतिनिधि शालिनी बलोधी मौजूद रहे।