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बीरोखाल अलग जिला नहीं, तो वोट भी नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Fri, 11 Dec 2015 06:56 PM IST
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बीरोखाल को जिला बनाने की मांग को लेकर ‘जिला नहीं, तो वोट नहीं’ के नारे के साथ बीरोखाल के ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर बीरोखाल ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मांग शीघ्र पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने और आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालने की चेतावनी दी।
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जयानंद भारतीय जिला निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीण बीरोखाल बाजार में एकत्र हुए। उन्होंने बाजार से ब्लाक मुख्यालय तक जुलूस निकाला और जिला बनाए जाने के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
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इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि बीरोखाल में अलग पर्वतीय जिला निर्माण को लेकर जयानंद भारतीय जिला निर्माण संघर्ष समिति चार माह से धरना, प्रदर्शन कर रही है, किंतु राज्य सरकार उनके आंदोलन की अनदेखी कर रही है। नतीजतन जिला संघर्ष समिति व बीरोखाल के महिला मंगल दलों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से बीरोखाल, नैनीडांडा, थलीसैण, रिखणीखाल, पोखड़ा को मिलाकर जब तक नया जिला नहीं बनता तब तक विधानसभा चुनाव सहित सभी चुनावों के बहिष्कार करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
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धरना प्रदर्शन में महिला मंगल दल ग्राम सभा, डुमैला, सिसई, रगडीगाड, नौगांव, स्यूंसी, बंगार, सेरा, ककरोडा, भोराड, कोटली, घोडियाना, भरपूर, कंदलेखा, नाकुरी, भमरई आदि महिला मंगल दलों की महिलाओं और अध्यक्ष चित्र सिंह कंडारी, जिला पंचायत सदस्य जयदीप नेगी, अनूप बिष्ट, खुशालसिंह, ओमपाल बिष्ट, धीरजसिंह आर्य, वासुदेव विमल, मोहन सिंह कंडारी आदि जन प्रतिनिधि और जिला संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित थे।