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अलर्ट के बाद भी खोह नदी में नहा कर खतरा मोल ले रहे हैं पर्यटक
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मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर पौड़ी जिले में अलर्ट घोषित किया गया है। शनिवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण खोह नदी उफान पर थी। गत मई माह में पांच लोग कोटद्वार-दुगड्डा के बीच खोह नदी में डूबकर अकाल मृत्यु के शिकार हो चुके हैं, लेकिन खतरे से अनजान बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक इस बरसाती सीजन में भी खोह नदी में उतरे हुए हैं। इससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
गत मई में कोटद्वार-दुगड्डा के बीच खोह नदी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने खोह नदी में जाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतनी शुरू दी थी। तब पुलिस प्रशासन ने हादसे के कुछ हफ्ते तक खोह नदी में लगातार अभियान चलाया। इसमें एनाउंसमेंट कर लोगों को खोह नदी में नहीं जाने की अपील की गई। जो लोग नदी में उतरे उनके चालान भी किए गए, लेकिन कुछ दिन बाद पुलिस का यह अभियान बंद हो गया।
रविवार को एक बार फिर से खोह नदी पर्यटकों से भरी रही। लोग अपने छोटे बच्चों को लेकर नदी में नहाते देखे गए। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने के कारण कभी भी नदी में उफान आ सकता है। इससे बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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खोह नदी में अब तक के हादसे
खोह नदी में प्रतिवर्ष बरसात के उफान में फंसने और डूबने के हादसे होते रहते हैं। वर्ष 2009 में तीन युवकों की नदी में डूबने से मौत हुई थी। वर्ष 2012 में दो युवक डूब गए थे। वर्ष 2020 में भी दो युवकों की नदी में डूबने से मौत हुई थी। तीन मई 2022 को खोह नदी में नगीना के चार युवकों की डूबने से मौत हो गई थी।
अलर्ट के बावजूद लोगों के खोह नदी में नहाने की जानकारी मिली है। पुलिस को लोगों को नदी से हटाने और नदी में जाने से रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
-प्रमोद कुमार, उपजिलाधिकारी कोटद्वार
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गत मई में कोटद्वार-दुगड्डा के बीच खोह नदी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने खोह नदी में जाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतनी शुरू दी थी। तब पुलिस प्रशासन ने हादसे के कुछ हफ्ते तक खोह नदी में लगातार अभियान चलाया। इसमें एनाउंसमेंट कर लोगों को खोह नदी में नहीं जाने की अपील की गई। जो लोग नदी में उतरे उनके चालान भी किए गए, लेकिन कुछ दिन बाद पुलिस का यह अभियान बंद हो गया।
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रविवार को एक बार फिर से खोह नदी पर्यटकों से भरी रही। लोग अपने छोटे बच्चों को लेकर नदी में नहाते देखे गए। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश होने के कारण कभी भी नदी में उफान आ सकता है। इससे बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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खोह नदी में अब तक के हादसे
खोह नदी में प्रतिवर्ष बरसात के उफान में फंसने और डूबने के हादसे होते रहते हैं। वर्ष 2009 में तीन युवकों की नदी में डूबने से मौत हुई थी। वर्ष 2012 में दो युवक डूब गए थे। वर्ष 2020 में भी दो युवकों की नदी में डूबने से मौत हुई थी। तीन मई 2022 को खोह नदी में नगीना के चार युवकों की डूबने से मौत हो गई थी।
अलर्ट के बावजूद लोगों के खोह नदी में नहाने की जानकारी मिली है। पुलिस को लोगों को नदी से हटाने और नदी में जाने से रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
-प्रमोद कुमार, उपजिलाधिकारी कोटद्वार