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नगर निगम के खाते से 21 लाख उड़ाने वाले तीन दबोचे
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कोतवाली पुलिस ने नगर निगम कोटद्वार के खाते से फर्जी चेक और हस्ताक्षर से 21.33 लाख रुपये निकालने के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार शाम तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेजा जा रहा है। आरोपी नगर निगम और ट्रस्टों के खातों की जानकारी जुटाकर फर्जी चेक तैयार कर खातों से नकदी निकालते थे। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
दो अगस्त को नगर निगम के लेखा लिपिक पंकज रावत की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। कई दिनों की जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली से हरीश चंद्र प्रसाद उर्फ बंगाली निवासी ग्राम बहेड़ी, जिला दरभंगा बिहार, हाल निवासी खजुरी पूर्वी, दिल्ली को दबोच लिया। उससे पूछताछ के बाद नरेश कुमार उर्फ ज्ञानी निवासी ग्राम नसीरपुर, थाना सागरपुर, दिल्ली और राजकुमार उर्फ राजू निवासी करावलनगर, राम गार्डन, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से धोखाधड़ी में प्रयुक्त सात मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड, पेन कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी हरीश के खाते में 5.75 लाख रुपये आए थे। पुलिस अन्य खातों और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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ऐसे करते थे खातों में सेंधमारी
कोटद्वार। मामले की विवेचना कर रहे एसआई प्रमोद शाह ने बताया कि आरोपी नगर निगम और ट्रस्टों के खातों की जानकारी जुटाकर फर्जी चेकबुक और आईडी बनाते थे। आरोपियों ने नगर निगम के खाते के फर्जी चेक तैयार कराए। उन्होंने गलत आईडी पर खुलवाए गए खातों में चेक के जरिये पैसे ट्रांसफर कराए और फिर एटीएम से पैसे निकाल लिए। राजकुमार इस गिरोह का सरगना है। वह सूचना एकत्र कर फर्जी चेक तैयार करवाता था। नरेश फर्जी चेक बैंक के ड्रॉप बॉक्स में डालता था। पैसे ट्रांसफर होने के बाद नरेश अन्य लोगों के माध्यम से एटीएम के जरिये खातों से पैसे निकलवाता था। इन लोगों को तय कमीशन दिया जाता था। सबसे अधिक पैसा सरगना राजकुमार लेता था।
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दो अगस्त को नगर निगम के लेखा लिपिक पंकज रावत की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। कई दिनों की जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली से हरीश चंद्र प्रसाद उर्फ बंगाली निवासी ग्राम बहेड़ी, जिला दरभंगा बिहार, हाल निवासी खजुरी पूर्वी, दिल्ली को दबोच लिया। उससे पूछताछ के बाद नरेश कुमार उर्फ ज्ञानी निवासी ग्राम नसीरपुर, थाना सागरपुर, दिल्ली और राजकुमार उर्फ राजू निवासी करावलनगर, राम गार्डन, दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से धोखाधड़ी में प्रयुक्त सात मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड, पेन कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी हरीश के खाते में 5.75 लाख रुपये आए थे। पुलिस अन्य खातों और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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ऐसे करते थे खातों में सेंधमारी
कोटद्वार। मामले की विवेचना कर रहे एसआई प्रमोद शाह ने बताया कि आरोपी नगर निगम और ट्रस्टों के खातों की जानकारी जुटाकर फर्जी चेकबुक और आईडी बनाते थे। आरोपियों ने नगर निगम के खाते के फर्जी चेक तैयार कराए। उन्होंने गलत आईडी पर खुलवाए गए खातों में चेक के जरिये पैसे ट्रांसफर कराए और फिर एटीएम से पैसे निकाल लिए। राजकुमार इस गिरोह का सरगना है। वह सूचना एकत्र कर फर्जी चेक तैयार करवाता था। नरेश फर्जी चेक बैंक के ड्रॉप बॉक्स में डालता था। पैसे ट्रांसफर होने के बाद नरेश अन्य लोगों के माध्यम से एटीएम के जरिये खातों से पैसे निकलवाता था। इन लोगों को तय कमीशन दिया जाता था। सबसे अधिक पैसा सरगना राजकुमार लेता था।
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