{"_id":"6416b7f43948d062165f3a591c0e1d7c","slug":"the-youth-need-to-work-at-the-village-level-balwinder-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवाओं को ग्राम स्तर पर काम देने जरूरत: बलविंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवाओं को ग्राम स्तर पर काम देने जरूरत: बलविंदर
अमर उजाला ब्यूरो पौड़ी
Updated Fri, 12 Feb 2016 09:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेहरू युवा केंद्र की पहल पर आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन केंद्र के मंडल निदेशक बलविंदर सिंह खोसा ने किया। उन्होंने कहा कि गांवों में ढांचागत सुविधाओं के विकास के बाद ही स्टार्ट अप इंडिया जैसे कार्यक्रम सफल बनाए जा सकते हैं। कहा कि गांव समाज के भीतर युवा उद्यमियों को तकनीकी और वित्तीय सुविधाएं देकर समृद्ध और कौशल विकास का देश बनाया जा सकता है।
पूर्व प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी गौरी शंकर थपलियाल ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से ही गांवों में युवाओं को स्वरोजगार दिलाकर पलायन को रोका जा सकता है। नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा समन्वयक डा. योगेश धस्माना ने कहा कि केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय स्टार्ट अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को स्वावलंबी और स्वाभिमानी बनाने का प्रयास कर रहा है।
पत्रकार जीपी सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड में युवाओं को हिमाचल की तरह अपनी संस्कृति से जुड़ते हुए विकास में अपनी भूमिका तलाशनी चाहिए। इस मौके पर प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी प्राचार्य केके पांडे ने भी विचार रखे। संचालन अंजना बिष्ट और सुदर्शन बिष्ट ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी गौरी शंकर थपलियाल ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से ही गांवों में युवाओं को स्वरोजगार दिलाकर पलायन को रोका जा सकता है। नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा समन्वयक डा. योगेश धस्माना ने कहा कि केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय स्टार्ट अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को स्वावलंबी और स्वाभिमानी बनाने का प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन
पत्रकार जीपी सेमवाल ने कहा कि उत्तराखंड में युवाओं को हिमाचल की तरह अपनी संस्कृति से जुड़ते हुए विकास में अपनी भूमिका तलाशनी चाहिए। इस मौके पर प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी प्राचार्य केके पांडे ने भी विचार रखे। संचालन अंजना बिष्ट और सुदर्शन बिष्ट ने किया।
विज्ञापन