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Kotdwar News: सेना की म्यूल कैंप वाली भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग
Tue, 01 Sep 2026 06:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 01 Sep 2026 06:36 PM IST
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सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने डीएम पौड़ी को दिए कार्रवाई के निर्देश
कोटद्वार। कोटद्वार के आमपड़ाव स्थित सेना की म्यूल कैंप वाली भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग तेज हो गई है। मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार संस्था से जुडे़ पूर्व सैनिकों की मांग पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने जिलाधिकारी गढ़वाल को कोटद्वार स्थित सैन्य भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। डीएम पौड़ी ने इस मामले को कार्रवाई के लिए एसडीएम कोटद्वार को पत्र भेजा गया है।
मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार (एसएसके) संस्था के संयोजक सुनील बहुखंडी ने बताया कि रक्षा संपदा विभाग के अभिलेखाें में कोटद्वार में म्यूल कैंप के नाम से 15.773 एकड़ भूमि दर्ज है। नगर पालिका परिषद कोटद्वार के वर्ष 2007 के रिकॉर्ड में भी खसरा संख्या एक से 26 तक कुल 105 बीघा 18 बिस्वा भूमि म्यूल कैंप रक्षा विभाग के नाम दर्ज बताई गई है।
बताया कि रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 1958 में इस भूमि में से 7.55 एकड़ भूमि नगर पालिका परिषद कोटद्वार को लीज पर दी थी। लीज की अवधि 1977 में समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद 5.07 एकड़ भूमि रक्षा विभाग को वापस मिल गई, जबकि शेष 2.48 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण होने की बात सामने आई है। जिसमें कुछ लोगों ने भवन निर्माण कर लिया है और एक हिस्से में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित किया जा रहा है। पालिका प्रशासन पर लीज शर्तों का उल्लंघन कर शेष भूमि को नजूल बनाने का प्रयास करने का आरोप है। कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री की पहल के बाद रक्षा भूमि की पैमाइश भी हो चुकी है।
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आमपड़ाव में म्यूल कैंप की जमीन सेना के नाम पर है। खाली भी सेना को ही करानी है। सेना की ओर से जमीन खाली कराने को लेकर पुलिस प्रशासन से फोर्स अथवा मजिस्ट्रेट मांगा जाएगा तो उपलब्ध कराया जाएगा।
-संदीप कुमार, एसडीएम कोटद्वार
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कोटद्वार। कोटद्वार के आमपड़ाव स्थित सेना की म्यूल कैंप वाली भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग तेज हो गई है। मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार संस्था से जुडे़ पूर्व सैनिकों की मांग पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने जिलाधिकारी गढ़वाल को कोटद्वार स्थित सैन्य भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। डीएम पौड़ी ने इस मामले को कार्रवाई के लिए एसडीएम कोटद्वार को पत्र भेजा गया है।
मिशन सांस्कृतिक कोटद्वार (एसएसके) संस्था के संयोजक सुनील बहुखंडी ने बताया कि रक्षा संपदा विभाग के अभिलेखाें में कोटद्वार में म्यूल कैंप के नाम से 15.773 एकड़ भूमि दर्ज है। नगर पालिका परिषद कोटद्वार के वर्ष 2007 के रिकॉर्ड में भी खसरा संख्या एक से 26 तक कुल 105 बीघा 18 बिस्वा भूमि म्यूल कैंप रक्षा विभाग के नाम दर्ज बताई गई है।
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बताया कि रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 1958 में इस भूमि में से 7.55 एकड़ भूमि नगर पालिका परिषद कोटद्वार को लीज पर दी थी। लीज की अवधि 1977 में समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद 5.07 एकड़ भूमि रक्षा विभाग को वापस मिल गई, जबकि शेष 2.48 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण होने की बात सामने आई है। जिसमें कुछ लोगों ने भवन निर्माण कर लिया है और एक हिस्से में प्राथमिक विद्यालय भी संचालित किया जा रहा है। पालिका प्रशासन पर लीज शर्तों का उल्लंघन कर शेष भूमि को नजूल बनाने का प्रयास करने का आरोप है। कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री की पहल के बाद रक्षा भूमि की पैमाइश भी हो चुकी है।
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आमपड़ाव में म्यूल कैंप की जमीन सेना के नाम पर है। खाली भी सेना को ही करानी है। सेना की ओर से जमीन खाली कराने को लेकर पुलिस प्रशासन से फोर्स अथवा मजिस्ट्रेट मांगा जाएगा तो उपलब्ध कराया जाएगा।
-संदीप कुमार, एसडीएम कोटद्वार