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शिकारी को नहीं दिखा गुलदार, तलाश जारी
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द्वारीखाल ब्लाक के बिचला ढांगू के कांडी और कोट ब्लाक के नौगांव में दहशत का पर्याय बने गुलदार की गतिविधि बृहस्पतिवार को भी पता नहीं चल पाई। वन विभाग की ओर से जहां कांडी में कर्मियों को तैनाती कर घटनास्थल के आसपास पिंजरा भी लगाया गया है, वहीं गढ़वाल वन प्रभाग के जंगल में शूटर सैय्यद अली बिन हादी ने टीम के साथ गुलदार की तलाश की। दोनों ही जगह गुलदार नहीं दिखा।
द्वारीखाल ब्लाक के बिचला ढांगू के बागी, किनसुर, कांडी, खंड, दाबड़, हथनूड, कोठार और कोट ब्लाक के व्यासघाट, नौगांव समेत आसपास के कई गांवों में गुलदार के हमले के बाद दहशत बनी हुई है। किनसुर के ग्राम प्रधान दीप चंद्र शाह ने बताया कि गुलदार के हमले के बाद से क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। जब तक गुलदार मारा नहीं जाता, तब तक इन गांवों में जनजीवन सामान्य होना मुश्किल है। वहीं कांडी निवासी प्रह्लाद सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त जारी है। घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगाया गया है। साथ ही चार ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। लैंसडौन की रेंजर पूनम कैंथोला ने बताया कि टीम लगातार काम कर रही है। गुलदार के हमले की घटना बागी गांव से एक किमी दूर गढ़वाल वन प्रभाग के जंगल में हुई है।
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द्वारीखाल ब्लाक के बिचला ढांगू के बागी, किनसुर, कांडी, खंड, दाबड़, हथनूड, कोठार और कोट ब्लाक के व्यासघाट, नौगांव समेत आसपास के कई गांवों में गुलदार के हमले के बाद दहशत बनी हुई है। किनसुर के ग्राम प्रधान दीप चंद्र शाह ने बताया कि गुलदार के हमले के बाद से क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। जब तक गुलदार मारा नहीं जाता, तब तक इन गांवों में जनजीवन सामान्य होना मुश्किल है। वहीं कांडी निवासी प्रह्लाद सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त जारी है। घटनास्थल के आसपास पिंजरा लगाया गया है। साथ ही चार ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। लैंसडौन की रेंजर पूनम कैंथोला ने बताया कि टीम लगातार काम कर रही है। गुलदार के हमले की घटना बागी गांव से एक किमी दूर गढ़वाल वन प्रभाग के जंगल में हुई है।
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