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Kotdwar News: हाथियों के झुंड को खदेड़ा, आबादी और खेतों पर अब भी बना है खतरा

Sat, 29 Mar 2025 10:41 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 29 Mar 2025 10:41 PM IST
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The herd of elephants has been driven away, but there is still a threat to the population and farms

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कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग से सटे सनेह पट्टी क्षेत्र में शुक्रवार रात फिर से आठ-दस हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया। पहरा दे रहे कुछ किसानों ने शोरशराबा कर हाथियों को खेतों में घुसने से रोका। वहीं, पीड़ित किसानों ने एसडीएम और डीएफओ से मिलकर हाथियों से बचाव के लिए सुरक्षा इंतजाम करने और बर्बाद हुईं फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। कुंभीचौड़ वार्ड-2 के पार्षद अनिल रावत के साथ सनेह पट्टी के रामपुर निवासी किसानों और क्षेत्रवासियों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को एसडीएम सोहन सिंह सैनी से मिला। मोहन सिंह रावत, वाचस्पति बहुखंडी, सतीश नेगी, पपेंद्र सिंह बिष्ट, सुदर्शन प्रसाद आदि ने एसडीएम को बताया कि शुक्रवार रात भी आठ से दस हाथियों ने जंगल सीमा से निकलकर रामपुर के खेतों और आबादी में घुसने का प्रयास किया। आग जलाकर, पटाखे फोड़कर और शोरशराबा कर हाथियों को खेतों में घुसने से रोका गया। रात में खेतों में खड़ी फसलें तो बर्बाद होने से बच गईं, लेकिन हाथियों के आने से लगातार खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों की समस्याओं को जानकर एसडीएम ने डीएफओ आकाश गंगवार से फोन पर बात की। लोगों ने डीएफओ से मिलकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें हाथी एवं वन्यजीवों से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार बनाने, वार्ड संख्या 1, 2 व 3 में हाथियों के बढ़ते उत्पात को देखते हुए वनकर्मियों की संख्या व गश्त बढ़ाने और हाथियों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की। लोगों का कहना था कि उन्हें बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। उन्होंने नुकसान के एवज में गेहूं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि लोगों के जान-माल की सुरक्षा के लिए वन विभाग अथवा प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए, तो उन्हें धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। डीएफओ ने अपेक्षित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में रतन सिंह नेगी, महानंद ध्यानी, सुल्तान सिंह रावत, हरेंद्र सिंह रौतेला, सतेंद्र सिंह नेगी, प्रदीप सिंह और आलम सिंह सहित कई लोग शामिल रहे।
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