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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   The death of a student of the school toilet collapsed

स्कूल का शौचालय ढहने से छात्रा की मौत

Tue, 09 Aug 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर Updated Tue, 09 Aug 2016 11:05 PM IST
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रानीहाट गांव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय का शौचालय ढहने से कक्षा दो की छात्रा की मौत हो गई और एक अन्य छात्रा घायल हो गई। दोनों छात्राएं लघुशंका के लिए जा रही थीं। एसडीएम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।

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राजकीय प्राथमिक विद्यालय रानीहाट में मंगलवार सुबह 10 बजे कक्षा दो की छात्रा अर्चना और सृष्टि लघु शंका के लिए निकलीं थीं। शौचालय के पास पहुंचने पर करीब एक वर्ष से बंद पड़ा शौचालय अचानक भरभरा कर ढह गया। छात्रा अर्चना (7) पुत्री गणेश सिंह नौडियाल शौचालय के मलबे के चपेट में आ गई।
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सृष्टि के शोर मचाने पर भोजन माता और अन्य छात्र शौचालय के समीप पहुंचे। अर्चना को शौचालय के मलबे में दबा देख सबने शोर मचाना शुरू किया। इस पर नदी किनारे काम कर रहे अर्चना के चाचा सहित अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अर्चना को मलबे से निकाला गया। अर्चना को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अलका असवाल ने बताया कि जो शौचालय ढहा है, उसे करीब एक वर्ष पूर्व प्रयोग के लिए बंद किया जा चुका था। घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम केके मिश्रा ने बताया कि घटना से संबंधित जानकारी जिलाधिकारी को भेज दी गई है। सहायक खंड शिक्षा अधिकारी से संबंधित स्कूल की पत्रावली मांगी गई है।

पापा 15 अगस्त में डांस करूंगी
अर्चना की मौत पर परिजनों के आंसू थमने को नहीं हैं। उसके पिता गणेश सिंह ने बताया कि सोमवार को अर्चना ने कहा था कि वह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेगी। इसके लिए वह घर में डांस की तैयारी कर रही थी। उसकी तीन बेटियों में अर्चना सबसे तेज थी।

घटना का जिम्मेदार कौन
घटनास्थल पर पर पहुंचे ग्रामीणों की जुबान पर यही सवाल था कि घटना का असली जिम्मेदार कौन है। ग्राम प्रधान संजय रावत ने कहा के दो साल से वह विद्यालय के क्षतिग्रस्त भवन के ध्वस्तीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला ने कहा कि घटना के लिए विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

नहीं पहुंचे विभागीय अधिकारी
घटनास्थल विकासखंड मुख्यालय से मात्र तीन किमी दूर होने के बावजूद शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी और उपखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कीर्तिनगर में ही स्थित हैं। हालंाकि उपखंड शिक्षा अधिकारी अवकाश पर बताए जा रहे हैं।


एक और हादसे का इंतजार
लगता है शिक्षा विभाग को एक और हादसे का इंतजार है। विद्यालय परिसर में 1963 में बना भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में है। इसके ध्वस्तीकरण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि विभागीय मंत्री से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं। विद्यालय भवन कभी भी ढह सकता है। यहां प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल एक ही परिसर में संचालित होते हैं। प्राथमिक विद्यालय में 22 और जूनियर हाईस्कूल में 26 छात्र अध्ययनरत हैं।

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