{"_id":"60f452e78ebc3e6d532d433a","slug":"the-back-of-the-house-was-broken-in-ramdi-village-kotdwar-news-drn3848524194","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामड़ी गांव में मकान का पुश्ता टूटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामड़ी गांव में मकान का पुश्ता टूटा
विज्ञापन
भारी बारिश से घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत रामड़ी में एक मकान का पुश्ता ढह गया और आंगन समेत आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में मकान मालिक सुमेर सिंह घर में ही फंस गया। उसने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी तो ग्रामीणों में दीवार तोड़कर मकान मालिक को घर से बाहर निकाला। राजस्व उपनिरीक्षक ने भवनस्वामी को मकान खाली करने के लिए नोटिस दिया है।
सूचना पर ब्लाक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने एसडीएम योगेश मेहरा सहित जिले के उच्चाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर शीघ्र क्षति का आंकलन कर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। सूचना पर पटवारी सर्किल अजमेर वल्ला-1 के राजस्व उपनिरीक्षक हर्षवर्द्धन नौटियाल ने गांव पहुंचकर क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भवन की बुनियाद खोखली हो चुकी है, जिससे भवन के ढहने का खतरा बना हुआ है। मकान में सुमेर सिंह अकेले रहते हैं। संभावित खतरे को देखते हुए भवन स्वामी को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। सुमेर सिंह अपने भाइयों के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को भेज दी गई है।
बारिश की भेंट चढ़ी तेलीस्रोत की बाढ़ सुरक्षा दीवार
कण्वघाटी। बारिश के कारण भाबर क्षेत्र के लोकमणिपुर और झंडीचौड़ उत्तरी के बीच स्थित तेलीस्रोत गदेरा उफान पर आने से कई जगहों पर बाढ़ सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने मानकों के विपरीत हुए खनन को इसका कारण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण तेली स्रोत गदेरा उफान पर आ गया और यहां खनन के कारण बाढ़ सुरक्षा दीवार की नींव पर कटाव होने से दीवार धराशायी होकर तेज बहाव में बह गई। सुरक्षा दीवार बहने से अब क्षेत्र में भू कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पार्षद अमित नेगी, जगदीश मेहरा, पूर्व उप प्रधान पूजा देवी, नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुमन बिष्ट, नंदू सिंह, खेमसिंह, देवेंद्र कुमार, प्रमोद बौंठियाल, राकेश सिंह ने बताया कि मानकों के विपरीत हो रहे खनन और गहरी खोदाई के कारण पहली बारिश में ही स्रोत के किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवारें कई जगहों पर ध्वस्त हो गई हैं। ऐसे में बरसात में ग्रामीणों के खेतों के भू-कटाव होने की आशंका है। उन्होंने शासन प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग के साथ ही समस्या के समाधान की मांग की।
विज्ञापन
सूचना पर ब्लाक प्रमुख रुचि कैंत्यूरा ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने एसडीएम योगेश मेहरा सहित जिले के उच्चाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर शीघ्र क्षति का आंकलन कर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। सूचना पर पटवारी सर्किल अजमेर वल्ला-1 के राजस्व उपनिरीक्षक हर्षवर्द्धन नौटियाल ने गांव पहुंचकर क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भवन की बुनियाद खोखली हो चुकी है, जिससे भवन के ढहने का खतरा बना हुआ है। मकान में सुमेर सिंह अकेले रहते हैं। संभावित खतरे को देखते हुए भवन स्वामी को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। सुमेर सिंह अपने भाइयों के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को भेज दी गई है।
विज्ञापन
बारिश की भेंट चढ़ी तेलीस्रोत की बाढ़ सुरक्षा दीवार
कण्वघाटी। बारिश के कारण भाबर क्षेत्र के लोकमणिपुर और झंडीचौड़ उत्तरी के बीच स्थित तेलीस्रोत गदेरा उफान पर आने से कई जगहों पर बाढ़ सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने मानकों के विपरीत हुए खनन को इसका कारण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
विज्ञापन
रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण तेली स्रोत गदेरा उफान पर आ गया और यहां खनन के कारण बाढ़ सुरक्षा दीवार की नींव पर कटाव होने से दीवार धराशायी होकर तेज बहाव में बह गई। सुरक्षा दीवार बहने से अब क्षेत्र में भू कटाव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पार्षद अमित नेगी, जगदीश मेहरा, पूर्व उप प्रधान पूजा देवी, नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुमन बिष्ट, नंदू सिंह, खेमसिंह, देवेंद्र कुमार, प्रमोद बौंठियाल, राकेश सिंह ने बताया कि मानकों के विपरीत हो रहे खनन और गहरी खोदाई के कारण पहली बारिश में ही स्रोत के किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवारें कई जगहों पर ध्वस्त हो गई हैं। ऐसे में बरसात में ग्रामीणों के खेतों के भू-कटाव होने की आशंका है। उन्होंने शासन प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग के साथ ही समस्या के समाधान की मांग की।