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ऐता, सरूड़ा सकाली व जोगियाना गांव में हो रहा भूकटाव
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दुगड्डा में खोह नदी से ऐता गांव में हो रहा भूकटाव।
- फोटो : KOTDWAR
खोह नदी के तट पर स्थित दुगड्डा नगर से सटे ऐता, सरूड़ा सकाली व जोगियाना गांव के तटीय इलाके में भू-कटाव से कृषि भूमि खतरे की जद में है। सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं करने से काश्तकारों में सिंचाई विभाग के खिलाफ रोष व्याप्त है। काश्तकारों ने भू-कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग उठाई।
सरुड़ा सकाली के ग्राम प्रधान सलमान अली, पूर्व प्रधान बीरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, कुलदीप सिंह, ऐता गांव के काश्तकार राजेंद्र सिंह, गंभीर सिंह, सतीश सिंह, ताजबर सिंह आदि का कहना है कि दुगड्डा नगर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए युद्धस्तर पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन नदी के दूसरे छोर पर बसे इन गांवों में लगातार भू-कटाव हो रहा है। विगत एक दशक में खोह नदी में आई बाढ़ से कई खेत बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं। इन गांवों की करीब 50 नाली कृषि भूमि बाढ़ में बह चुकी है, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाढ़ सुरक्षा कार्य की फाइलें शासन में धूल फांक रही हैं।
ऐता गांव के लिए डेढ़ करोड़ व सरुड़ा सकाली, जोगयाना गांवों के लिए एक करोड़ के बजट की आवश्यकता है। आगणन तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाएगा। - गौरीशंकर भंडारी अवर अभियंता, सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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सरुड़ा सकाली के ग्राम प्रधान सलमान अली, पूर्व प्रधान बीरेंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, कुलदीप सिंह, ऐता गांव के काश्तकार राजेंद्र सिंह, गंभीर सिंह, सतीश सिंह, ताजबर सिंह आदि का कहना है कि दुगड्डा नगर क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा के लिए युद्धस्तर पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन नदी के दूसरे छोर पर बसे इन गांवों में लगातार भू-कटाव हो रहा है। विगत एक दशक में खोह नदी में आई बाढ़ से कई खेत बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं। इन गांवों की करीब 50 नाली कृषि भूमि बाढ़ में बह चुकी है, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाढ़ सुरक्षा कार्य की फाइलें शासन में धूल फांक रही हैं।
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ऐता गांव के लिए डेढ़ करोड़ व सरुड़ा सकाली, जोगयाना गांवों के लिए एक करोड़ के बजट की आवश्यकता है। आगणन तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाएगा। - गौरीशंकर भंडारी अवर अभियंता, सिंचाई विभाग दुगड्डा।
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