फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Sisters tied love around their brothers' wrists.

Kotdwar News: बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्यार

Fri, 28 Aug 2026 05:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Fri, 28 Aug 2026 05:48 PM IST
विज्ञापन
Sisters tied love around their brothers' wrists.
हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व, बाजार में रही खूब चहल-पहल
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार/लैंसडौन। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास एवं परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी दीर्घायु और सुखी-संपन्न जीवन की कामना की और भाइयों ने बहनों को उनकी रक्षा का वचन दिया।
लैंसडौन में एक परिवार में जयपुर से आए परिवार की बेटी ने चार माह के भाई की कलाई पर राखी बांधी तो घर-आंगन खिलखिला उठा। वहीं लैंसडौन में भाइयों को राखी बांधने के लिए कई महिलाएं लैंसडौन पहुंची थीं। वहीं कोटद्वार, कण्वघाटी, दुगड्डा, सतपुली, जयहरीखाल, बैजरो आदि क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन पर्व परंपरागत उल्लास के साथ मनाया गया। त्योहार पर शहर में बाजार सजा और खासी चहल-पहल रही।
विज्ञापन

वहीं एबीवीपी की ओर से राजकीय पीजी कॉलेज कोटद्वार स्थित महासंघ कार्यालय में रक्षाबंधन पर्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रीदेव सुमन विवि के एबीवीपी महासंघ अध्यक्ष अमित काला ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। पौड़ी विभाग संयोजक अजय रावत ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम में आशीष काला, युवराज राणा समेत एबीवीपी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



बटुक ब्राह्मणों का हुआ सामूहिक उपनयन संस्कार
कोटद्वार। श्री सिद्धबली गुरुकुल संस्कृत विद्यालय में श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन पर अध्ययनरत बटुक ब्राह्मणों का सामूहिक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य अशोक जोशी, डॉ. रमाकांत कुकरेती, अतुल डोबरियाल, देवेंद्र नौटियाल और अमन कुकरेती के सानिध्य में गणेश पूजन के साथ हुआ। इसके बाद बटुक ब्राह्मणों का सामूहिक मुंडन संस्कार कराया गया और उन्हें हल्दी लगाई गई। बटुकों ने अपने माता-पिता से भिक्षा आदि ग्रहण की। इसके बाद आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उपनयन संस्कार की विधियां संपन्न कराईं। मुख्य अतिथि मंदिर समिति के महंत एवं लैंसडौन विधायक दिलीप रावत ने कहा कि संस्कार व्यक्ति को संस्कृति और परंपराओं से जोड़ता है। उन्होंने बटुक ब्राह्मणों को संस्कारयुक्त शिक्षा ग्रहण कर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर रोशन गौड़, कुलदीप मैंदोला, गिरीश कोटियाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने सभी को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed