द्वारीखाल ब्लॉक के ग्राम दिखेत के मूल निवासी जगदर्शन सिंह बिष्ट की हाल में ही प्रकाशित प्रथम साहित्यिक रचना ‘बोगनविलिया की टहनी’ को पाठकों की ओर से खूब सराहा जा रहा है। अमेजन पर पाठकों द्वारा की गई समीक्षा से स्पष्ट है कि प्रकाशन के दो माह की अल्प अवधि में उक्त उपन्यास को बहुत लाइक मिले हैं।
लघु उपन्यास के लेखक जगदर्शन सिंह बिष्ट भारत सरकार के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। कर अधिकारी के रूप में अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने मानवीय और सामाजिक मूल्यों पर आधारित एक सुरुचिपूर्ण व शिक्षाप्रद रचना समाज को अर्पित करने का सफल और सार्थक प्रयास किया है। उनका मानना है कि इस संसार में जन्म लेने के उपरांत मानव प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समाज को कुछ न कुछ समर्पित करता ही रहता है। उन्होंने अपनी साहित्यिक रचना ‘बोगनविलिया’ की टहनी में मानवीय मूल्यों का बड़े ही रोचक तरीके से उल्लेख किया है। पदमपुर निवासी पाठक रवींद्र बिष्ट ने इस उपन्यास को सराहनीय बताया है। शिवपुर निवासी अनिरुद्ध भंडारी, मानपुर निवासी सुदर्शन सिंह नेगी, हरेंद्र सिंह रावत को यह उपन्यास बड़ा रोचक लगा। अनिरुद्ध भंडारी कहते हैं कि लेखक ने तथ्यों को बेहतरीन तरीके से इस्तेमाल कर उपन्यास लिखा है, जो तनाव के क्षणों में काफी सुकून प्रदान करता है।