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वरिष्ठ अधिवक्ता जगमोहन सिंह नेगी नहीं रहे
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गढ़वाल राइफल्स लैंसडौन की स्थापना कराने वाले लॉट सूबेदार बलभद्र सिंह नेगी के पौते पूर्व राज्य मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता व जाने माने अधिवक्ता जगमोहन सिंह नेगी (74) नहीं रहे। शनिवार सुबह हृदयगति रुकने से दून के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से कोटद्वार और पौड़ी जिला समेत पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार कोटद्वार के मुक्तिधाम में किया जाएगा।
परिजनों के अनुसार जगमोहन सिंह नेगी काफी दिनों से बीमार थे। एक सप्ताह पूर्व उन्हें देहरादून के लिए रेफर किया गया था। जहां डाक्टरों के अथक प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका। बलभद्रपुर कोटद्वार निवासी एडवोकेट जगमोहन सिंह नेगी, गढ़वाल राइफल्स की स्थापना कराने में अहम योगदान रखने वाले लॉट सूबेदार बलभद्र सिंह नेगी के पौते थे। उन्होंने लखनऊ से लॉ की परीक्षा पास करने के बाद पौड़ी और कोटद्वार में वकालत शुरू की। उनकी छवि एक ईमानदार और सरल व्यक्ति के अधिवक्ता और राजनेता की रही। उनके साथी एडवोकेट जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि वह गढ़वाल को-ऑपरेटिव बैंक समेत कई संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। 1993 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की लैंसडौन विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। इसके बाद उन्होंने वकालत पर ही फोकस किया और खासा नाम कमाया। राज्य बनने के बाद एक बार फिर से वह राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने उन्हें राज्य विधि अध्ययन सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाकर राज्य मंत्री का दर्जा दिया। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, धीरेंद्र प्रताप, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, मेयर हेमलता नेगी, जसवीर राणा, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय पंत, अरविंद वर्मा, प्रवेश रावत, महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, द्वारीखाल के ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा समेत कांग्रेस पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं व समाजसेवियों ने शोक जताया। उनके सहयोगी प्रवेश रावत ने बताया कि रविवार सुबह दस बजे कोटद्वार के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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परिजनों के अनुसार जगमोहन सिंह नेगी काफी दिनों से बीमार थे। एक सप्ताह पूर्व उन्हें देहरादून के लिए रेफर किया गया था। जहां डाक्टरों के अथक प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका। बलभद्रपुर कोटद्वार निवासी एडवोकेट जगमोहन सिंह नेगी, गढ़वाल राइफल्स की स्थापना कराने में अहम योगदान रखने वाले लॉट सूबेदार बलभद्र सिंह नेगी के पौते थे। उन्होंने लखनऊ से लॉ की परीक्षा पास करने के बाद पौड़ी और कोटद्वार में वकालत शुरू की। उनकी छवि एक ईमानदार और सरल व्यक्ति के अधिवक्ता और राजनेता की रही। उनके साथी एडवोकेट जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि वह गढ़वाल को-ऑपरेटिव बैंक समेत कई संस्थाओं के अध्यक्ष रहे। 1993 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की लैंसडौन विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। इसके बाद उन्होंने वकालत पर ही फोकस किया और खासा नाम कमाया। राज्य बनने के बाद एक बार फिर से वह राजनीति में सक्रिय हुए। वर्ष 2014 में कांग्रेस सरकार ने उन्हें राज्य विधि अध्ययन सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाकर राज्य मंत्री का दर्जा दिया। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, धीरेंद्र प्रताप, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, मेयर हेमलता नेगी, जसवीर राणा, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय पंत, अरविंद वर्मा, प्रवेश रावत, महिला कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, द्वारीखाल के ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा समेत कांग्रेस पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं व समाजसेवियों ने शोक जताया। उनके सहयोगी प्रवेश रावत ने बताया कि रविवार सुबह दस बजे कोटद्वार के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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