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भूकंप आए तो खुले मैदान की ओर दौड़े, ऊंची बिल्डिंग के पास न रहे

Thu, 24 Oct 2019 10:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2019 10:18 PM IST
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Run towards the open ground when an earthquake strikes.
कोटद्वार। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत आर्य कन्या इंटर कालेज कोटद्वार में आयोजित कार्यशाला में राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की ओर से छात्राओं को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए गए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जब भी भूकंप आए तो उन्हें खुले मैदान की ओर दौड़ें। कभी भी ऊंची बिल्डिंग के पास न जाएं और न खड़े रहें। छात्राओं को इस मौके पर मॉक ड्रिल कराकर आपदा में राहत बचाव कार्य करने के तरीके और उस स्थिति से निपटने के तरीके बताए गए। इस दौरान एसडीआरएफ की टीम ने छात्राओं को बाल अपराध, महिला हिंसा और मानव तस्करी के प्रति भी जागरूक किया।
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आर्य कन्या इंटर कालेज कोटद्वार में आयोजित कार्यशाला में एसडीआरएफ के एएसआई गबर सिंह नेगी ने कहा कि कोटद्वार समेत पौड़ी गढ़वाल जिला प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। यहां के लोगों को बाढ़, भूकंप तथा आगजनी जैसी आपदाओं से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। ऐसी आपदाएं कई बार बहुत बड़ा जान और माल का नुकसान कर देती हैं, लेकिन इस बारे में अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं का आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण स्थान है। एसडीआरएफ के मास्टर ट्रेनर कांस्टेबल संदीप रावत ने मॉक ड्रिल कराकर छात्राओं को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व बचाव के बारे में जानकारी दी। कहा कि भूकंप के दौरान घर के दरवाजे और खिड़कियों को खुला रखें। साथ ही घर के सभी बिजली स्विच को बंद कर दें। यदि इमारत से तुरंत निकलना संभव न हो तो आसपास मौजूद किसी मेज, बेड के नीचे या फिर कमरे के एक कोने में सुरक्षित स्थान तलाश लें। आग लगने पर पीड़ित को मोटे कपड़ों से ढककर जमीन पर लिटाना चाहिए।
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बाल अपराध और महिला हिंसा के प्रति किया जागरूक
एसडीआरएफ की टीम ने छात्राओं को बाल अपराध और महिला हिंसा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यदि छात्राओं को विद्यालय आते-जाते समय किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो वे अपने अभिभावक और शिक्षक से जरूर शेयर करें। छात्राएं गुड टच और बैड टच के फर्क को समझें। यदि कोई बैड टच करता है तो उसका विरोध करें। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रेनू नेगी, उमा नेगी, सरिता बहुगुणा, अलका बिष्ट, हेमा अग्रवाल, कीर्ति ध्यानी, दर्शनी रावत,, पुष्पा बलोधी, रश्मि बलोधी, रेखा रावत, सरोज रावत और एसडीआरएफ टीम के आशीष रावत व मुकेश रावत समेत 385 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
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