{"_id":"672e48119c4ba6b97609d91e","slug":"roadway-management-accused-of-harassment-contract-drivers-and-conductors-demonstrated-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-542853-2024-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: रोडवेड प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, संविदा चालक-परिचालकों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: रोडवेड प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप, संविदा चालक-परिचालकों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
कोटद्वार। रोडवेज डिपो के संविदा चालकों एवं परिचालकों की समस्याओं के विरोध और मांगों के समर्थन में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की कोटद्वार शाखा ने एआरएम कार्यालय के समक्ष धरना दिया।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की कोटद्वार शाखा के अध्यक्ष दीपक कुमार एवं मंत्री खुर्शीद अली के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह संविदा चालक और परिचालक एआरएम कार्यालय के समक्ष दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि टाइम ऑफिस में तैनात कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। ड्यूटी पर आने वाले संविदा चालकों-परिचालकों को पहले तो बसें नहीं दी जातीं।
बार-बार कहने पर अनफिट बस दी जाती है। बस संचालन नहीं होने पर ड्यूटी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती। इससे उनका रिकॉर्ड भी खराब हो रहा है और उन्हें पारिश्रमिक भी नहीं मिल पाता। टाइम ऑफिस से अपने चहेते चालकों-परिचालकों को मनमानी ड्यूटियां दी जाती हैं। वहीं, कार्यशाला में बसों की उचित मरम्मत नहीं होने का ठीकरा भी संविदा चालकों के सिर फोड़ा जाता है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने डिपो प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की, तो एआरएम राकेश कुमार ने संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार, मंत्री खुर्शीद अली, संगठन मंत्री तसलीम अहमद, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार के साथ वार्ता की। कुछ बिंदुओं पर सहमति बनने पर संगठन पदाधिकारियों ने दोपहर करीब एक बजे धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शनकारियों में प्रमोद चौधरी, अशोक कुमार, राजन, सतपाल सिंह, अनुज कुमार, मो. नफीस सहित कई चालक-परिचालक शामिल रहे। धरना-प्रदर्शन के दौरान करीब ढाई घंटे बस का संचालन बाधित रहा।
विज्ञापन
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की कोटद्वार शाखा के अध्यक्ष दीपक कुमार एवं मंत्री खुर्शीद अली के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह संविदा चालक और परिचालक एआरएम कार्यालय के समक्ष दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि टाइम ऑफिस में तैनात कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। ड्यूटी पर आने वाले संविदा चालकों-परिचालकों को पहले तो बसें नहीं दी जातीं।
विज्ञापन
बार-बार कहने पर अनफिट बस दी जाती है। बस संचालन नहीं होने पर ड्यूटी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती। इससे उनका रिकॉर्ड भी खराब हो रहा है और उन्हें पारिश्रमिक भी नहीं मिल पाता। टाइम ऑफिस से अपने चहेते चालकों-परिचालकों को मनमानी ड्यूटियां दी जाती हैं। वहीं, कार्यशाला में बसों की उचित मरम्मत नहीं होने का ठीकरा भी संविदा चालकों के सिर फोड़ा जाता है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने डिपो प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की, तो एआरएम राकेश कुमार ने संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार, मंत्री खुर्शीद अली, संगठन मंत्री तसलीम अहमद, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार के साथ वार्ता की। कुछ बिंदुओं पर सहमति बनने पर संगठन पदाधिकारियों ने दोपहर करीब एक बजे धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शनकारियों में प्रमोद चौधरी, अशोक कुमार, राजन, सतपाल सिंह, अनुज कुमार, मो. नफीस सहित कई चालक-परिचालक शामिल रहे। धरना-प्रदर्शन के दौरान करीब ढाई घंटे बस का संचालन बाधित रहा।