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Kotdwar News: सिडकुल की दवा फैक्टरियों व दुकानों पर छापा, दो के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति
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कोटद्वार। सिडकुल के सिगड्डी औद्योगिक क्षेत्र की एक दवा फैक्टरी में बीते 28-29 फरवरी को नकली दवाइयों के भंडाफोड़ के बाद देर से ही सही उत्तराखंड की विजिलेंस व ड्रग्स विभाग हरकत में आ गया है। विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार तड़के सिगड्डी सिडकुल की दवा कंपनियों में छापा मारा। जांच के बाद यहां दो फैक्टरियों के लाइसेंस निलंबन करने की संस्तुति उत्तराखंड के अपर आयुक्त/औषधि नियंत्रक से की गई है। इसके बाद टीम ने कोटद्वार में कई दवा विक्रेताओं की दुकान में भी छापा मारा। इस दौरान कई दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं। संबंधित दुकानों को नोटिस देकर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार व मानेंद्र सिंह राणा की अगुवाई में खाद्य संरक्षा औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम ने बुधवार को सिडकुल सिगड्डी की 8 दवा फैक्टरियों में आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान दो कंपनियों रियल लैब और जीओन लाइफ साइंसेज फैक्टरी में कई अनियमितताएं पाई गईं। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोटद्वार में भी पांच दवा विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किया गया। इसमें कई अनियमिताएं पाई गईं। संबंधित दवा की दुकानों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एफडीए की टीम के कोटद्वार में पहुंचने पर दवा फैक्टरियों और विक्रेताओं में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। टीम ने इन दोनों फैक्टरियों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की है। एफडीए की टीम की कार्रवाई के दौरान विभागीय विजिलेंस के निरीक्षक जगदीश रतूड़ी व संजय सिंह नेगी भी शामिल रहे।
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बीती 28/29 फरवरी को तेलंगाना विजिलेंस व ड्रग्स विभाग की टीम ने बरामद किया था नकली दवाओं का जखीरा
कोटद्वार। बीती 28/29 फरवरी को तेलंगाना राज्य से आई विजिलेंस व ड्रग्स विभाग की टीम ने कोटद्वार की एक फैक्टरी में छापेमारी कर यहां से करीब 43 लाख रुपये की नकली दवाइयों का जखीरा बरामद किया था। तेलंगाना की टीम यहां की नेक्टर हर्ब एंड ड्रग्स नाम की फैक्टरी के फैक्ट्री मालिक विशद कुमार और सचिन प्रजापति को गिरफ्तार कर अपने साथ तेलंगाना ले गई थी। जबकि यूपी के बिजनौर जिले की निवासी दो महिलाओं भावना व पूजा को नोटिस दिया गया है। तेलंगाना की टीम के अनुसार उक्त फैक्टरी में देश की नामचीन कंपनियों के नाम की पशुओं के उपचार में काम आने वाली नकली दवाई बनायी जाती थी। कोरोनाकाल के दौरान अप्रैल 2021 में दिल्ली व अन्य राज्यों में पकड़े गए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने व बेचने के मामले में भी सिडकुल की सिगड्डी की उक्त फैक्टरी का नाम उछला था। तब दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने यहां छापा मारा था।
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फोटो समाचार
जारी
चंद्रमोहन शुक्ला
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उत्तराखंड के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार व मानेंद्र सिंह राणा की अगुवाई में खाद्य संरक्षा औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम ने बुधवार को सिडकुल सिगड्डी की 8 दवा फैक्टरियों में आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान दो कंपनियों रियल लैब और जीओन लाइफ साइंसेज फैक्टरी में कई अनियमितताएं पाई गईं। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोटद्वार में भी पांच दवा विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किया गया। इसमें कई अनियमिताएं पाई गईं। संबंधित दवा की दुकानों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एफडीए की टीम के कोटद्वार में पहुंचने पर दवा फैक्टरियों और विक्रेताओं में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। टीम ने इन दोनों फैक्टरियों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की है। एफडीए की टीम की कार्रवाई के दौरान विभागीय विजिलेंस के निरीक्षक जगदीश रतूड़ी व संजय सिंह नेगी भी शामिल रहे।
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बीती 28/29 फरवरी को तेलंगाना विजिलेंस व ड्रग्स विभाग की टीम ने बरामद किया था नकली दवाओं का जखीरा
कोटद्वार। बीती 28/29 फरवरी को तेलंगाना राज्य से आई विजिलेंस व ड्रग्स विभाग की टीम ने कोटद्वार की एक फैक्टरी में छापेमारी कर यहां से करीब 43 लाख रुपये की नकली दवाइयों का जखीरा बरामद किया था। तेलंगाना की टीम यहां की नेक्टर हर्ब एंड ड्रग्स नाम की फैक्टरी के फैक्ट्री मालिक विशद कुमार और सचिन प्रजापति को गिरफ्तार कर अपने साथ तेलंगाना ले गई थी। जबकि यूपी के बिजनौर जिले की निवासी दो महिलाओं भावना व पूजा को नोटिस दिया गया है। तेलंगाना की टीम के अनुसार उक्त फैक्टरी में देश की नामचीन कंपनियों के नाम की पशुओं के उपचार में काम आने वाली नकली दवाई बनायी जाती थी। कोरोनाकाल के दौरान अप्रैल 2021 में दिल्ली व अन्य राज्यों में पकड़े गए नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने व बेचने के मामले में भी सिडकुल की सिगड्डी की उक्त फैक्टरी का नाम उछला था। तब दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने यहां छापा मारा था।
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जारी
चंद्रमोहन शुक्ला