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दून मेडिकल कालेज से श्रीनगर मेडिकल कालेज पर संकट
श्रीनगर
Updated Mon, 11 Jan 2016 09:53 PM IST
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चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. हरक सिंह रावत के गृह क्षेत्र में स्थित राजकीय मेडिकल कालेज की व्यवस्थाएं फिर पटरी से उतरने जा रही हैं। ताजा स्थिति दून मेडिकल कालेज की वजह से पैदा हुई हैं। यहां से चार फैकल्टी/ वरिष्ठ चिकित्सकों का चयन दून मेडिकल कालेज के लिए हो गया है। सूत्रों की मानें तो शासन और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय श्रीनगर के कुशल विशेषज्ञ चिकित्सकों को दून मंडिकल कालेज में शिफ्ट करने की फिराक मेें है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से हाल ही में दून मेडिकल कालेज के लिए साक्षात्कार किए गए थे। इसमें मेडिकल कालेज श्रीनगर की फैकल्टी ने भी साक्षात्कार दिए। फिलहाल चार विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन हुआ है। इनमें दो नॉन क्लीनिकल फैकल्टी है, जबकि बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. व्यास कुमार राठौर और स्त्री रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर डा. रीना पाल भी चयनित हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के जाने से मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं सहित यहां अध्ययनरत मेडिकल छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन भी प्रभावित हो जाएगा।
बाल रोग विभाग सबसे अधिक प्रभावित
राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर का बाल रोग विभाग दून मेडिकल कालेज के कारण सबसे अधिक प्रभावित होगा। वर्तमान में विभाग में एचओडी प्रो. आनंद जैन विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में रह गए हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर मात्र डा. राठौर ही तैनात थे। वे बेस अस्पताल में बाल रोग विभाग की ओपीडी, एनआईसीयू (शिशु गहन निगरानी इकाई) और इंडोर वार्ड संभाले हुए थे। हालांकि चार माह पहले निदेशालय ने हल्द्वानी से एक सहायक प्रोफेसर को यहां भेजा था। बताया जा रहा है कि वह तब से लगातार मेडिकल पर चल रहे हैं।
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नहीं होगी कमी: निदेशक
दून मेडिकल कालेज की वजह से श्रीनगर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूर्व में हल्द्वानी से भी यहां तीन चिकित्सक भेजे गए हैं। किसी भी विभाग में फैकल्टी की कमी नहीं होने दी जाएगी। - डा. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा निदेशालय
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चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से हाल ही में दून मेडिकल कालेज के लिए साक्षात्कार किए गए थे। इसमें मेडिकल कालेज श्रीनगर की फैकल्टी ने भी साक्षात्कार दिए। फिलहाल चार विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन हुआ है। इनमें दो नॉन क्लीनिकल फैकल्टी है, जबकि बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. व्यास कुमार राठौर और स्त्री रोग विभाग की सहायक प्रोफेसर डा. रीना पाल भी चयनित हुए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के जाने से मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं सहित यहां अध्ययनरत मेडिकल छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन भी प्रभावित हो जाएगा।
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बाल रोग विभाग सबसे अधिक प्रभावित
राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर का बाल रोग विभाग दून मेडिकल कालेज के कारण सबसे अधिक प्रभावित होगा। वर्तमान में विभाग में एचओडी प्रो. आनंद जैन विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में रह गए हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर मात्र डा. राठौर ही तैनात थे। वे बेस अस्पताल में बाल रोग विभाग की ओपीडी, एनआईसीयू (शिशु गहन निगरानी इकाई) और इंडोर वार्ड संभाले हुए थे। हालांकि चार माह पहले निदेशालय ने हल्द्वानी से एक सहायक प्रोफेसर को यहां भेजा था। बताया जा रहा है कि वह तब से लगातार मेडिकल पर चल रहे हैं।
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नहीं होगी कमी: निदेशक
दून मेडिकल कालेज की वजह से श्रीनगर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूर्व में हल्द्वानी से भी यहां तीन चिकित्सक भेजे गए हैं। किसी भी विभाग में फैकल्टी की कमी नहीं होने दी जाएगी। - डा. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा निदेशालय