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लोक सूचना अधिकारी को 25 हजार का अर्थदंड
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:24 PM IST
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कोटद्वार। राज्य सूचना आयोग ने दुगड्डा विकास खंड की ग्राम पंचायत खोलकंडी के लोक सूचना अधिकारी/प्रधान को सूचनाएं विलंब से उपलब्ध कराने के मामले में 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। लोक सूचना अधिकारी/प्रधान को यह धनराशि एक माह के अंदर राजकोष में जमा करानी होगी। निर्धारित समय पर उक्त धनराशि जमा न कराने पर खंड विकास अधिकारी दुगड्डा को उनके व्यक्तिगत देयकों से कटौती कर जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
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राज्य सूचना आयुक्त ने यह आदेश मोहन सिंह राणा बनाम लोक सूचना अधिकारी/प्रधान ग्राम पंचायत खोलकंडी की अपील के निस्तारण करते हुए दिए हैं। अपील में गए मोहन सिंह राणा ने बताया कि उसने ग्राम पंचायत के लोक सूचना अधिकारी ग्राम प्रधान खोलकंडी से चार बिंदुओं पर 10 अगस्त, 2015 को सूचना मांगी थी। इसमें ग्राम पंचायत खोलकंडी के अंतर्गत राजस्व ग्राम बिंदलगांव व तोक गांव स्यालगढ़ में 10 अगस्त, 2015 तक कराए गए समस्त विकास कार्यों का मस्टररोल की प्रमाणिक प्रतिलिपि, चैकडैम के निर्माण में प्रयुक्त तार की मोटाई एवं जाल के खानों की लंबाई, चौड़ाई, मनरेगा में कार्य करने के लिए श्रमिकों की शासन द्वारा निर्धारित आयु सीमा और ग्राम सभा का बैंक खाता नंबर की सूचना चाही थी। इसमें लोक सूचना अधिकारी ने उक्त सूचनाएं न देकर यह कहा कि उन्हें यह सूचनाएं 13 मई, 2015 की खुुली बैठक में दी जा चुकी हैं।
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उक्त सूचनाएं न मिलने से प्रार्थी मोहन सिंह ने चार सितंबर, 2015 को खंड विकास अधिकारी के यहां अपील की। विभागीय अपील का निस्तारण खंड विकास अधिकारी दुगड्डा ने 13 अक्तूबर को किया। इस मामले की दूसरी अपील प्रार्थी मोहन सिंह की ओर से सूचना आयोग में की गई। आयोग ने पाया कि मस्टररोल और बैंक खाते की संख्या की जानकारी अपीलार्थी को उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके लिए पुन: लोक सूचना अधिकारी व प्रधान को उक्त सूचनाएं एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए। पूरी सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयोग ने उक्त सूचनाएं अत्यधिक विलंब से उपलब्ध कराने पर पच्चीस हजार के अर्थदंड लोक सूचना अधिकारी/प्रधान पर लगाया है।
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