{"_id":"6aa2a4cde7891e9b6e03d080","slug":"pauri-highway-another-new-danger-zone-formed-at-chunadhara-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-126418-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"पौड़ी हाईवे : चूनाधारा में बना एक और नया डेंजर जोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पौड़ी हाईवे : चूनाधारा में बना एक और नया डेंजर जोन
Thu, 10 Sep 2026 06:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 10 Sep 2026 06:08 PM IST
विज्ञापन
पुराने 11 भूस्खलन जोन को है 2023 से ट्रीटमेंट का इंतजार
सात दुकानें और गैस गोदाम भी भूस्खलन की जद में
कोटद्वार। पौड़ी नेशनल हाईवे पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच वर्ष 2023 की आपदा के बाद बने 11 डेंजर जोन का ट्रीटमेंट अभी शुरू नहीं हो पाया है। इस बीच दुर्गा देवी के बाद अब दुगड्डा के चूनाधारा में नया भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय होने से एनएच खंड धुमाकोट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चूनाधारा में पहाड़ी से लगातार मलबा आने के कारण बारिश के दौरान हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में सात दुकानें और गैस गोदाम भी भूस्खलन की जद में आने का खतरा बढ़ गया है।
वर्ष 2023 की आपदा के बाद बने 11 डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए एनएच प्रशासन ने टीएचडीसी से थर्ड पार्टी सर्वे कराया था। सर्वे के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया, जहां से ट्रीटमेंट के लिए 89 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब बांड बनने व बरसात खत्म होने पर काम शुरू होना है।
इसी बीच दुर्गादेवी मंदिर के पास नया डेंजर जोन बन चुका है। यहां पूर्व में पहाड़ी से पत्थर गिरने से लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज की कार का आगे का शीशा टूट गया था। बीती तीन सितंबर को चूनाधारा पेयजल स्रोत के ऊपरी हिस्से में करीब 200 मीटर से अधिक ऊंचाई से पहाड़ी का हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गिरा था। मलबे, पत्थर और पेड़ों के गिरने से कुछ समय के लिए दोनों ओर यातायात ठप हो गया था।
विज्ञापन
चूनाधारा से करीब 50 मीटर दुगड्डा की ओर भी पहाड़ी में भूस्खलन होने लगा है। इसके नीचे हाईवे से सटी नगर पालिका की सात दुकानें और गैस गोदाम हैं। दुकानों का आवंटन होने से पहले ही इनके ऊपर भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। जलभराव से हाईवे पर गड्ढे बन रहे हैं और पुराने पुश्ते भी खतरे की जद में हैं।
.
चूनाधारा में नया भूस्खलन क्षेत्र बन गया है। बरसात थमने के बाद सर्वे कराकर इसके ट्रीटमेंट के बारे में निर्णय लिया जाएगा। पुराने 11 डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए बांड होना बाकी है। बरसात के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
- आशीष कुमार सैनी, जेई एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
विज्ञापन
सात दुकानें और गैस गोदाम भी भूस्खलन की जद में
कोटद्वार। पौड़ी नेशनल हाईवे पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच वर्ष 2023 की आपदा के बाद बने 11 डेंजर जोन का ट्रीटमेंट अभी शुरू नहीं हो पाया है। इस बीच दुर्गा देवी के बाद अब दुगड्डा के चूनाधारा में नया भूस्खलन क्षेत्र सक्रिय होने से एनएच खंड धुमाकोट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चूनाधारा में पहाड़ी से लगातार मलबा आने के कारण बारिश के दौरान हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में सात दुकानें और गैस गोदाम भी भूस्खलन की जद में आने का खतरा बढ़ गया है।
वर्ष 2023 की आपदा के बाद बने 11 डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए एनएच प्रशासन ने टीएचडीसी से थर्ड पार्टी सर्वे कराया था। सर्वे के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया, जहां से ट्रीटमेंट के लिए 89 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब बांड बनने व बरसात खत्म होने पर काम शुरू होना है।
विज्ञापन
इसी बीच दुर्गादेवी मंदिर के पास नया डेंजर जोन बन चुका है। यहां पूर्व में पहाड़ी से पत्थर गिरने से लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज की कार का आगे का शीशा टूट गया था। बीती तीन सितंबर को चूनाधारा पेयजल स्रोत के ऊपरी हिस्से में करीब 200 मीटर से अधिक ऊंचाई से पहाड़ी का हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गिरा था। मलबे, पत्थर और पेड़ों के गिरने से कुछ समय के लिए दोनों ओर यातायात ठप हो गया था।
विज्ञापन
चूनाधारा से करीब 50 मीटर दुगड्डा की ओर भी पहाड़ी में भूस्खलन होने लगा है। इसके नीचे हाईवे से सटी नगर पालिका की सात दुकानें और गैस गोदाम हैं। दुकानों का आवंटन होने से पहले ही इनके ऊपर भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। जलभराव से हाईवे पर गड्ढे बन रहे हैं और पुराने पुश्ते भी खतरे की जद में हैं।
.
चूनाधारा में नया भूस्खलन क्षेत्र बन गया है। बरसात थमने के बाद सर्वे कराकर इसके ट्रीटमेंट के बारे में निर्णय लिया जाएगा। पुराने 11 डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए बांड होना बाकी है। बरसात के बाद कार्य शुरू कराया जाएगा।
- आशीष कुमार सैनी, जेई एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।