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Kotdwar News: दो माह से चिकित्सक विहीन है पौखाल एपीएचसी
Mon, 24 Aug 2026 04:49 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 24 Aug 2026 04:49 PM IST
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दुगड्डा (कोटद्वार)। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) पौखाल में दो माह से चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग का कहना है कि नई नियुक्ति होने के बाद ही चिकित्सक की तैनाती की जाएगी।
पौखाल स्थित एपीएचसी पर आसपास के दूरस्थ गांवों के ग्रामीण उपचार के लिए निर्भर हैं। बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आपात स्थिति में प्रसव और आकस्मिक घटनाओं में प्राथमिक उपचार जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो रही है। दरअसल 16 जून के बाद से केंद्र चिकित्सक विहीन है। चिकित्सक के अभाव में फार्मासिस्ट कुलदीप चंद्र नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से मरीजों की जांच और दवा वितरण की व्यवस्था संभाल रहे हैं।
बरसात में मोटर मार्ग बाधित होने पर गंभीर मरीजों को दुगड्डा और कोटद्वार पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। पौखाल से दुगड्डा करीब 30 किलोमीटर और कोटद्वार 45 किलोमीटर दूर है और कांडाखाल-द्वारीखाल मार्ग भी बारिश में बाधित हो जाता है।
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छत से रिसाव, पेयजल टैंक भी क्षतिग्रस्त
अस्पताल में न केवल स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं, भवन की हालत भी बदहाल है। बारिश का पानी रिसने से छत और दीवारें खराब हो रही हैं। आवासीय भवनों के रखरखाव का अभाव है। अस्पताल और आवासीय भवन के बीच रात में आवाजाही के दौरान हिंसक वन्यजीवों का खतरा बना रहता है। घने जंगल के बीच स्थित केंद्र में बरसात के दौरान कोहरा छाने से दिन में भी खतरा रहता है। पेयजल टैंक क्षतिग्रस्त होने से स्वच्छ पेयजल की समस्या भी बनी हुई है।
पौखाल एपीएचसी में चिकित्सक का पद दो माह से रिक्त है। तैनात चिकित्सक का जून में गोपेश्वर मंडल तबादला हो गया था। नई नियुक्ति के बाद चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। अस्पताल की स्थिति से उच्चाधिकारियों को मासिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है।
- डॉ. अश्वनी कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी दुगड्डा।
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पौखाल स्थित एपीएचसी पर आसपास के दूरस्थ गांवों के ग्रामीण उपचार के लिए निर्भर हैं। बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, आपात स्थिति में प्रसव और आकस्मिक घटनाओं में प्राथमिक उपचार जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो रही है। दरअसल 16 जून के बाद से केंद्र चिकित्सक विहीन है। चिकित्सक के अभाव में फार्मासिस्ट कुलदीप चंद्र नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से मरीजों की जांच और दवा वितरण की व्यवस्था संभाल रहे हैं।
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बरसात में मोटर मार्ग बाधित होने पर गंभीर मरीजों को दुगड्डा और कोटद्वार पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। पौखाल से दुगड्डा करीब 30 किलोमीटर और कोटद्वार 45 किलोमीटर दूर है और कांडाखाल-द्वारीखाल मार्ग भी बारिश में बाधित हो जाता है।
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छत से रिसाव, पेयजल टैंक भी क्षतिग्रस्त
अस्पताल में न केवल स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं, भवन की हालत भी बदहाल है। बारिश का पानी रिसने से छत और दीवारें खराब हो रही हैं। आवासीय भवनों के रखरखाव का अभाव है। अस्पताल और आवासीय भवन के बीच रात में आवाजाही के दौरान हिंसक वन्यजीवों का खतरा बना रहता है। घने जंगल के बीच स्थित केंद्र में बरसात के दौरान कोहरा छाने से दिन में भी खतरा रहता है। पेयजल टैंक क्षतिग्रस्त होने से स्वच्छ पेयजल की समस्या भी बनी हुई है।
पौखाल एपीएचसी में चिकित्सक का पद दो माह से रिक्त है। तैनात चिकित्सक का जून में गोपेश्वर मंडल तबादला हो गया था। नई नियुक्ति के बाद चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। अस्पताल की स्थिति से उच्चाधिकारियों को मासिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है।
- डॉ. अश्वनी कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी दुगड्डा।